हासन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के निदेशक डॉ. राजन्ना बी ने बताया कि अस्पताल में दो मामलों को छोड़कर अभी तक किसी की भी मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है, हालांकि इन्हें हृदयाघात से जोड़कर देखा जा रहा है। जिला प्रशासन ने लोगों से तुरंत चिकित्सीय सहायता लेने की अपील की है।
कर्नाटक के हासन जिले में हृदयाघात से होने वाली मौतों ने चिंता बढ़ा दी है। 30 जून को चार और लोगों की मौत के साथ, पिछले 40 दिनों में हार्ट अटैक से मरने वालों की संख्या 22 हो गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि अधिकांश पीड़ित युवा या मध्यम आयु वर्ग के थे। 22 मौतों में से पांच 19 से 25 साल के बीच के थे, आठ 25 से 45 साल के थे।
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30 जून को हुई मौतों में बेलूर के जेपी नगर की गृहिणी लेपाक्षी (50) शामिल हैं, जो थकान की शिकायत के बाद गिर पड़ी थीं। होलेनरसीपुरा के सरकारी फर्स्ट ग्रेड कॉलेज में अंग्रेजी के प्रोफेसर मुत्तैया (58) चाय पीते समय अचानक हार्ट अटैक से मर गए। चन्नारायपटना के डी-ग्रुप कर्मचारी कुमार (57) को सीने में दर्द के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी मौत हो गई।
रंगोलीहल्ली कॉलोनी के सत्यनारायण राव (63) भी अचानक गिरने के बाद नहीं बच पाए। हासन के उपायुक्त केएस लताकुमारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर छह सदस्यीय समिति गठित की है। इसमें जिला स्वास्थ्य अधिकारी, हासन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के निदेशक व हृदय रोग विशेषज्ञ शामिल हैं। समिति को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
नहीं हुआ पोस्टमार्टम, मौतों का स्पष्ट कारण पता नहीं
हासन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के निदेशक डॉ. राजन्ना बी ने बताया कि अस्पताल में दो मामलों को छोड़कर अभी तक किसी की भी मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है, हालांकि इन्हें हृदयाघात से जोड़कर देखा जा रहा है। जिला प्रशासन ने लोगों से तुरंत चिकित्सीय सहायता लेने की अपील की है। राजन्ना ने कहा, अधिकांश मौतें घर पर या नियमित काम करते समय हुई हैं। किसी का भी पोस्टमार्टम नहीं हुआ है, इसलिए मौत का कारण बताना मुश्किल है।