छत्तीसगढ़ में औद्योगिक नीति 2024-2030 का शुभारंभ
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युवा और महिलाओं को मिलेंगे विशेष लाभ और प्रोत्साहन
नई नीति में स्थानीय युवा और महिलाएं नवीनतम उद्योग शुरू कर सकें इसके लिए उन्हें विशेष लाभ और प्रोत्साहन दिए जाएंगे। स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए 50 करोड़ रुपये का विशेष फंड तैयार किया गया है, जिससे उन्हें शुरुआती दौर में वित्तीय सहायता मिल सके। इसके अलावा, युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'उद्यम क्रांति योजना' के तहत अनुदानयुक्त लोन की सुविधा मिलेगी, ताकि वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकें।
MSME और बड़े उद्योगों के लिए अलग से पैकेज
नीति के तहत पहली बार एमएसएमई और बड़े उद्योगों के लिए अलग से पैकेज की घोषणा की गयी है। सेवा क्षेत्र में एमएसएमई और बड़े सेवा उद्यमों के लिए अलग-अलग प्रोत्साहन दिए जायेंगे, जिनमें इंजीनियरिंग, रिसर्च एंड डेवेलपमेंट, पर्यटन और मनोरंजन शामिल हैं। जो क्षेत्र औद्योगिक दृष्टि से पिछड़े हैं, वहां ज्यादा प्रोत्साहन देकर उन्हें विकसित करने की योजना है।इस नीति के अंतर्गत फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, गैर काष्ठ वनोत्पाद, ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई, रोबोटिक्स, सौर ऊर्जा जैसी क्षेत्रों में निवेश के लिए विशेष प्रोत्साहन की योजना है। इसके साथ ही विशिष्ट उत्पादन सेक्टर में 200 करोड़ से अधिक निवेश वाले पहले पांच एंकर उद्यमों को पांच प्रतिशत अधिक अनुदान दिया जायेगा।
मूल निवासियों को रोजगार देने की अनिवार्यता
नई नीति में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन के तहत, उद्यमों को प्रोत्साहन लाभ प्राप्त करने के लिए राज्य के मूल निवासियों को रोजगार देने की अनिवार्यता तय की गई है। इसके अनुसार अकुशल श्रमिक/मजदूर में उद्यमों को 100 प्रतिशत स्थायी रोजगार राज्य के मूल निवासियों को प्रदान करना होगा। कुशल श्रमिकों के मामले में कम से कम 70 प्रतिशत व प्रशासनिक/प्रबंधकीय कर्मचारी की श्रेणी में कम से कम 40 प्रतिशत राज्य के मूल निवासियों को रोजगार देना अनिवार्य होगा।
महिला उद्यमी, थर्ड जेंडर, अग्निवीर सैनिकों को अतिरिक्त छूट
नई औद्योगिक नीति में महिलाओं, निशक्तजनों व थर्ड जेंडर के आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति, जनजाति, सेवानिवृत्त अग्निवीर सैनिक, भूतपूर्व सैनिकों और नक्सल प्रभावित व्यक्ति/परिवारों के उद्यमियों के लिए विशेष छूट दी गयी है। इन्हें सामान्य सेक्टर के उद्यमों को उपलब्ध कराए जा रहे मान्य अनुदान से 10% अतिरिक्त लाभ व एक वर्ष की अधिक छूट भी दिया गया है। इसके साथ ही विदेशी निवेशकों को भी आकर्षित करने के उद्देश्य से उन्हें विशेष रियायतें प्रदान की गई हैं।