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पत्रकार का दावा, पीएम मोदी ने पहले ही मंगा लिए थे इंटरव्यू में पूछे जाने वाले प्रश्न

Thu, 30 Jun 2016 05:46 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : FB
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हाल ही में टाइम्‍स नाऊ के एडिटर इन चीफ अरनब गोस्‍वामी को पीएम मोदी ने अपना इंटरव्यू दिया था। इस इंटरव्यू के बाद सोशल मीडिया पर बहस चल रही है। लोगों का कहना है कि अरनब ने मोदी से कोई तार्किक प्रश्न नहीं पूछा, जिसके लिए वह जाने जाते हैं। इस बहस के बीच यूएई में रहने वाले एक जर्नलिस्‍ट ने मोदी का इंटरव्यू लेने का अपना अनुभव फेसबुक पर शेयर किया है। बॉबी नकवी नाम के इस पत्रकार ने कथित तौर पर पीएम नरेंद्र मोदी का इंटरव्यू पिछले साल स्‍वतंत्रता दिवस के बाद उनके यूएई दौरे से पहले लिया था।
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मोदी का हाल ही में दिया गया इंटरव्यू 2014 से सत्‍ता में आने के बाद किसी भारतीय न्‍यूज चैनल को दिया पहला इंटरव्यू है। 
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इंटरव्यू में सिर्फ एक ही प्रश्न पूछने की अनुमति थी

पत्रकार बॉबी नकवी ने अपनी फेसबुक पोस्‍ट में लिखा है कि उन्हें इस इंटरव्यू के लिए अरेंजमेंट करना ही ‘एक लंबी और बोझिल प्रक्रिया’ थी। आगे लिखते हैं कि, ‘कई दिनों तक नौकरशाहों से कई ई-मेल्‍स के आदान-प्रदान के बाद मुझे एक बेहद सीनियर अफसर का कॉल आया। उन्‍होंने कहा, ‘बॉबी, मेरे पास अच्‍छी और बुरी खबर दोनों है। आप कौन सी खबर पहले सुनना चाहोगे। मुझे समझ में नहीं आया कि क्‍या कहूं। इससे पहले कि मैं बोल पाता, उन्‍होंने कहा कि ‘पीएम राजी हो गए हैं, लेकिन दो अन्‍य प्रकाशन वाले भी मौजूद होंगे। मैं बेहद निराश हो गया, क्‍योंकि अब यह एक एक्‍सक्‍लूसिव इंटरव्यू नहीं होने वाला था।’

नकवी ने फेसबुक पोस्‍ट में आगे लिखा है कि उन्‍हें पूर्व स्‍वीकृति’ के लिए सवाल भेजने के लिए कहा गया। बहुत सी सिक्‍युरिटी से जुड़ी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ा, ताकि उन्‍हें मुंहमांगा इंटरव्यू मिल सके। नकवी और अन्‍य पत्रकारों को इंटरव्यू से कुछ मिनट पहले बताया गया कि वे सिर्फ एक सवाल पूछ सकते हैं और बाकी उन्‍हें इंटरव्यू के बाद लिखित में मिल जाएंगे। नकवी लिखते हैं कि उन्हें अंत तक नहीं पता था कि इंटरव्यू किस जगह होने वाला है। 

नकवी लिखते हैं कि वो इंटरव्यू के लिए बड़ी मुश्किल लिए पीएम तक पहुंचे। इंटरव्यू में सिर्फ एक ही प्रश्न पूछने की अनुमति थी। बाकी के प्रश्नों के जबाव लिखित में देने को कहा गया था। लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि जो भी प्रश्न मैंने भेजे थे जबाव उनके हिसाब से नहीं थे।
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