कांग्रेस में एक ओर जहां राहुल गांधी के समर्थकों ने अध्यक्ष पद पर उनकी ताजपोशी को लेकर बयानबाजी तेज कर दी है, वहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष की राह में रोड़े अटकाने वाले भी सक्रिय हो गए हैं। पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव का हवाला देकर राहुल की ताजपोशी टलवाने में जुट गए हैं।
कांग्रेस में राहुल को अध्यक्ष बनाने के लिए बीते दो साल से उनके समर्थक जोर लगाए हुए हैं। पिछले साल कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की बीमारी को ध्यान में रखकर कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में राहुल को अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया था। सर्वसम्मति से पारित एके एंटनी के प्रस्ताव पर अंतिम फैसला सोनिया गांधी पर छोड़ा गया था। बावजूद इसके कांग्रेस अध्यक्ष कोई फैसला नहीं ले सकीं।
बीते साल पार्टी में इस बात की पूरी तैयारी थी कि राहुल को पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले जिम्मेदारी सौंपकर चुनाव में उतारा जाए। तब पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने यूपी समेत अन्य राज्यों के चुनाव नतीजों के बाद फैसला लेने का सुझाव दिया था। इस पर सोनिया और राहुल भी सहमत हो गए थे।