अमर उजाला संवाद 2018 का कार्यक्रम देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में देश में विकास और शिक्षा को लेकर बनाई जाने वाली नीतियों और उठाए गए कदमों पर चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी कार्यक्रम में बतौर चीफ गेस्ट शरीक हुए, जिन्होंने सरकार को मिली उपलब्धियों के बारे बताया।
दिलचस्प बात है कि उन्होंने अनोखे अंदाज में अपने अनुभव को शेयर किया। जब गडकरी से पूछा गया कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का अध्यक्ष बनना आसान था या भारी भरकम विभाग को संभाला आसान है। इसके जवाब में गडकरी ने कहा कि उन्होंने कभी हारना नहीं सीखा है। दरअसल, जिंदगी वन डे क्रिकेट की तरह है, मैं बॉल बर्बाद करने के पक्ष में नहीं हूं, शॉट मारो या तो आउट हो जाओ।
वहीं देश में चल रहे परिवाद को भी गडकरी ने आड़े हाथ लेते हुए कहा कि मैं परिवारवाद के खिलाफ हूं और इसलिए मेरे परिवार से कोई राजनीति में नहीं है। सड़कों के निर्माण के लिए गडकरी बोले की भले ही हमे पेड़ काटने पड़ेंगे, लेकिन हम 1 की जगह 10 पेड़ लगाएंगे। उत्तराखंड के विकास पर गडकरी ने कहा कि 2019 के पहले नया उत्तराखंड बनाने की योजना है।