पैनल ने 20 मई को दी अपनी रिपोर्ट में कहा कि पहला भ्रूण बिना सिर के दिखाई दे रहा है, जिसके जन्म लेने के बाद पैदा होने की संभावना नहीं है। वहीं दूसरे भ्रूण में नरम क्रोमोसोमल मार्कर दिखाई दिए हैं, जिसका अर्थ है कि इसमें संभवतः आनुवंशिक असामान्यताएं होंगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि तीसरा भ्रूण स्वस्थ है।
भ्रूण चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. पूर्णिमा सातोसकर ने रॉयल कॉलेज ऑफ ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिस्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार संपूर्ण गर्भ के समाप्ति की सलाह दी। चिकित्सा पैनल ने कहा कि महिला को गर्भावस्था आगे चलकर जटिलताएं हो सकती हैं। वहीं तीन में से दो बच्चों के स्वस्थ न होने के बारे में सोचकर महिला की मानसिक स्थिति पर भी असर पड़ सकता है।