सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों को कच्चे तेल के आयात के लिए स्वयं ही नीति बनाने का अधिकार दे दिया है। इससे इन कंपनियों को आयात में आसानी होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय का फैसला लिया गया।
सरकार ने अब इंडियन ऑयल, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम एवं भारत पेट्रोलियम को सीवीसी दिशा-निर्देशों के अनुरूप कच्चे तेल के आयात के लिए अपनी स्वयं की नीतियां बनाने की छूट दे दी है। इस नीति को संबंधित निदेशकमंडल से अनुमोदित करना होगा।
सरकार का कहना है कि न्यूनतम शासन, अधिकतम प्रशासन के सिद्धांत के अनुरूप किए गए इस उपाय से तेल कंपनियों के परिचालन और व्यावसायिक लचीलेपन में वृद्धि होगी और वे कच्चे तेल के आयात के लिए सबसे ज्यादा प्रभावपूर्ण खरीद पद्धतियां अपनाने में सक्षम हो सकेंगी।
सरकार के मुताबिक कच्चे तेल के आयात की वर्तमान नीति को वर्ष 1979 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। वर्ष 2001 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस नीति में कुछ संशोधनों को मंजूरी दी।
वर्तमान नीति के आलोक में पिछले कुछ वर्षों में इन कंपनियों ने सामूहिक ऊर्जा आवश्यकताओं को निरंतर पूरा किया है, लेकिन बदलते समय के साथ इस नीति में बदलाव लाने की आवश्यकता है। इसलिए इस नीति में संशोधन किया गया है। इससे तेल कंपनियों की दक्षता बढ़ेगी।