बीते सोमवार को चेन्नई हवाई अड्डे पर ब्रिटेन के 19 नागरिकों को इमिग्रेशन स्टाफ ने एंट्री करने से रोक दिया था। ये लोग यहां बच्चों के लिए एक चैरिटी करने के लिए आए थे। यूके में मैनचेस्टर के पॉनटन हाई स्कूल के 16 छात्रों और तीन स्टाफ सदस्यों को बताया गया कि वे चेन्नई में एनजीओ में काम करने जा रहे वीजा का इस्तेमाल करके देश में एंट्री नहीं कर सकते।
NGO इंडिया डायरेक्ट के मुताबिक "सभी 19 ब्रिटिश नागरिकों के पास वैध टूरिस्ट वीजा था। हमारे एक दिन के कार्यक्रम में बच्चों के साथ खेलना और चेहरे की पेंटिंग और मुखौटा बनाने जैसी एक्टिविटीज शामिल थीं। हम एक ऐसे गांव में जा रहे थे, जहां लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया नहीं है, वो लोग डॉक्टर्स की राह देखते रहते हैं। वीजा एप्लीकेशन फार्म में ऐसा कोइ जिक्र नहीं है, जिसकी वजह से इस पर रोक लगायी जाए।"
इमिग्रेशन अधिकारियों ने इस मुद्दे पर जानकारी देने से इनकार कर दिया। अधिकारियों ने दावा किया कि ग्रुप को अपने वीजा पर देश में एंट्री करने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि वे एक गैर-सरकारी संगठन के साथ काम करने जा रहे थे।" इमिग्रेशन अधिकारियों के फैसले को पलटने के लिए कोशिश की गई, लेकिन वो कामयाब नहीं हो पाये। छात्रों को रिटर्न फ्लाईट के लिए 11 घंटे का इंतजार करना पड़ा। जिसके बाद ये छात्र और कर्मचारी खिलौनों और स्टेशनरी को अपने साथ लेकर दुबई होते हुए ब्रिटेन लौट गए।