अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने शुक्रवार को कहा कि भारत बेहद भाग्यशाली है। उसके पास एक युवा आबादी है, जो एआई को अपना रही है। इसके साथ ही नीति निर्माता डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में निवेश कर रहे हैं और उद्यमिता में आने वाली बाधाओं को दूर कर रहे हैं।
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सार्वजनिक डिजिटल बुनियादी ढांचे में निवेश किया
उन्होंने कहा मैं यहां उपस्थित भारतीय मित्रों को एक संदेश देकर अपनी बात समाप्त करना चाहता हूं। आप बहुत भाग्यशाली हैं कि आपके देश ने सार्वजनिक डिजिटल बुनियादी ढांचे में निवेश किया है। इसलिए, एआई के लिए यह शर्त पूरी हो गई है। आप बहुत भाग्यशाली हैं क्योंकि आपका देश उद्यमशीलता के रास्ते में आने वाली बाधाओं को सक्रिय रूप से दूर कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि एआई को अपनाने से वैश्विक विकास में लगभग एक प्रतिशत की वृद्धि होगी। भारत को विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी। भारत ने 2047 तक एक विकसित देश बनने का लक्ष्य रखा है।
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"मैं एआई को लेकर बहुत आशावादी हूं। मैं भोली भी नहीं हूं, इससे काफी जोखिम भी जुड़े हैं। " जॉर्जीवा ने कहा, साथ ही उन्होंने देशों और दुनिया को कम निष्पक्ष बनाने के जोखिमों को भी गिनाया, क्योंकि कुछ देशों के पास यह तकनीक होगी और दूसरों के पास नहीं होगी।