मानसून को लेकर अब पूरे देश में हाई अलर्ट है, आईएमडी ने अगले दो दिन में केरल में मानसून के दस्तक की बात कही है। वहीं भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को कहा कि अरब सागर में बना दबाव अगले 24 घंटों के दौरान एक चक्रवाती तूफान में बदल सकता है, इसके मद्देनजर गुजरात में सभी बंदरगाहों को चेतावनी संकेत जारी करने को कहा है।
आईएमडी ने अपने बयान में कहा कि खराब मौसम के कारण मछुआरों को समुद्र की सीमा से ज्यादा दूर नहीं जाने को कहा गया है। साथ ही बताया कि दबाव दक्षिण पूर्व अरब सागर पर बना है अगले 24 घंटों के दौरान पूर्व-मध्य अरब सागर और इससे सटे दक्षिण-पूर्व अरब सागर के ऊपर अगले 24 घंटों के दौरान इसके लगभग उत्तर की ओर बढ़ने और एक चक्रवाती तूफान में तेज होने की संभावना है।
मछुआरों को तुरंद वापस लौटने के आदेश
अहमदाबाद मौसम निदेशक मनोरमा मोहंती ने बताया कि हमने मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी जारी की है। यह चेतावनी उत्तर गुजरात के बंदरगाहों के लिए है। अगर मछुआरे गहरे समुद्र (उत्तर या दक्षिण गुजरात) में मछली पकड़ रहे हैं, तो उन्हें तुरंत लौट जाना चाहिए। मौसम एजेंसी ने बताया है कि उत्तर और दक्षिण गुजरात तटों के सभी बंदरगाहों आपात सिग्नल का संकेत दिया जाए।
चार जून तक केरल में दस्तक देगा मानसून
आईएमडी का कहना है कि सिस्टम के गठन उत्तर की तरफ बढ़ रहा है, इस वजह से दक्षिण-पश्चिम मानसून के केरल तट की ओर बढ़ने की संभावनाएं प्रभावित होंगी। मई के मध्य में विभाग ने कहा था कि चार जून तक मानसून केरल में दस्तक दे देगा। बता दें, आम तौर पर मानसून एक जून को (सात दिन का आगे-पीछे) केरल में प्रवेश कर जाता है।
भारत के कृषि क्षेत्र के लिए बारिश अधिक महत्वपूर्ण
कुछ दिनों पहले, आईएमडी ने कहा था कि एल नीनो के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून से भारत में सामान्य बारिश होने की उम्मीद है। उत्तर-पश्चिम मानसून में सामान्य से कम बारिश होने की संभावनाएं होती हैं। जबकि, पूर्व, उत्तर-पूर्व, मध्य और दक्षिणी प्रायद्वीप में सामान्य बारिश होने की संभावना होती है। भारत के कृषि क्षेत्र में सामान्य बारिश अधिक महत्वपूर्ण है। खेती का 52 प्रतिशत क्षेत्र सामान्य क्षेत्र पर निर्भर करता है। इससे बिजली उत्पादन के साथ-साथ पीने के पानी के लिए महत्वपूर्ण है।