स्काईमेट ने कमजोर मानसून का दावा किया है। उसके मुताबिक अगस्त में औसत बारिश 88 फीसदी हो सकती है। इससे पहले इसने अप्रैल में कहा था कि अगस्त में 96 फीसदी और सितंबर में 93 फीसदी बारिश होगी। इसके अलावा स्काईमेट ने अप्रैल में ये भी कहा था कि दीर्घावधि औसत (एलपीए) की 100 फीसदी बारिश होगी। जिसका मतलब है सामान्य बारिश होगी।
क्या है एलपीए?
लंबी अवधि औसत (एलपीए) की 96 से 104 फीसदी बारिश को सामान्य माना जाता है। एलपीए की 90 से 96 फीसदी को कम बारिश माना जाता है।
अभी तक कैसी रही देश में मानसून की स्थिति
विभाग के अनुसार देश में मानसून का डिस्ट्रीब्यूशन कृषि के अनुसार अभी तक ठीक रहा है और किसी भी वैश्विक एजेंसी ने खराब बारिश के संकेत नहीं दिए हैं। आगे मानसून की स्थिति अच्छी ही रहेगी। शुरुआत में जब जुलाई के दूसरे हफ्ते तक मानसून ने मध्य भारत को कवर किया था तो उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में कम बारिश देखी गई। यूपी में 43 फीसदी कम बारिश रही।
लेकिन आखिरी हफ्ते में अच्छी बारिश हुई। जिससे अब सरप्लस 7 फीसदी पर पहुंच गया है। वहीं अगर सबसे खराब हालात की बात करें तो इसमें पूर्वोत्तर भारत का नाम आता है। जहां 26 फीसदी कम बारिश हुई है। लेकिन फिर भी देश के 80 फीसदी से ज्यादा हिस्से में अच्छी बारिश हुई है।