केरल में बाढ़ की भयावहता देखने के बाद भारतीय मौसम विज्ञान (आईएमडी) ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है जिससे बारिश की वजह से नदियों और जलाशयों के जलस्तर में बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा सकेगा। आईएमडी के निदेशक केजे रमेश ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इससे राज्य सरकारों को बारिश के प्रभाव का बारीकी से अध्ययन करने का मौका मिल जाएगा।
रमेश ने कहा कि इस प्रौद्योगिकी को ‘प्रभाव आधारित पूर्वानुमान दृष्टिकोण’ कहा गया है। इससे घटना का पहले ही अनुमान लगाया जा सकता है जो अधिकारियों को वास्तविक समय में निर्णय लेने में मदद करता है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में रमेश ने कहा कि हमें ऐसा परिदृश्य पैदा करने में सक्षम होना चाहिए जहां हम यह फैसला ले सकें कि हमें पानी छोड़ना है या नहीं छोड़ना है। इससे हर राज्य प्राधिकार को फैसला लेने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि अब हम इस प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल सेवाओं के लिए करने में सक्षम हैं।