कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के साथ दरिंदगी की घटना के बाद डॉक्टर सड़कों पर हैं। पूरे देश में डॉक्टर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने डॉक्टरों और अस्पतालों की सुरक्षा के लिए सरकार के सामने पांच मांगें रखी हैं। इनमें एक केंद्रीय कानून की मांग प्रमुख है।
एसोसिएशन का कहना है कि डॉक्टरों पर हिंसा और अस्पतालों के नियमों में बदलाव कर केंद्रीय कानून बनाया जाए। 1897 के महामारी रोग अधिनियम में 2023 के संशोधनों को 2019 के अस्पताल संरक्षण विधेयक के मसौदे में शामिल करने वाला एक केंद्रीय अधिनियम मौजूदा 25 राज्य विधानों को मजबूत करेगा। अस्पतालों को अनिवार्य सुरक्षा अधिकार के साथ सुरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाए। सभी अस्पतालों की सुरक्षा प्रोटोकॉल एयरपोर्ट की तरह हो। अस्पतालों में सीसीटीवी, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाए।
इसके अलावा, सभी अस्पतालों में रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए सुरक्षित स्थानों और आराम करने के लिए पर्याप्त विश्राम कक्षों की व्यवस्था की भी मांग की गई है। कोलकाता में पीड़िता 36 घंटे की ड्यूटी शिफ्ट में थी और ऐसे में रेजिडेंट डॉक्टरों के काम करने और रहने की स्थिति में बड़े बदलाव की आवश्यकता है। डॉक्टरों के खिलाफ अपराध की समय-सीमा में सावधानीपूर्वक और पेशेवर जांच का तंत्र विकसित हो, ताकि बर्बरता करने वाले गुंडों की पहचान की जा सके और उन्हें कठोर सजा मिले। इसके अलावा कोलकाता की पीड़िता के शोकाकुल परिवार को उचित और सम्मानजनक मुआवजा दिया जाए।
ये है पूरा घटनाक्रम
आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के साथ दरिंदगी की घटना 8-9 अगस्त की दरमियानी रात की है। मृतक मेडिकल कॉलेज में चेस्ट मेडिसिन विभाग की स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष की छात्रा और प्रशिक्षु डॉक्टर थीं। यह घटना कोलकाता शहर के लालबाजार में घटी जो एक भीड़भाड़ वाला इलाका है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जूनियर डॉक्टर 8 अगस्त को अस्पताल में रात की ड्यूटी कर रही थीं। रात 12 बजे के बाद उन्होंने दोस्तों के साथ डिनर भी किया। इसके बाद से महिला डॉक्टर का कोई पता नहीं चला।
9 अगस्त की सुबह उस वक्त मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया जब चौथी मंजिल के सेमिनार हॉल से अर्ध नग्न अवस्था में डॉक्टर का शव बरामद हुआ। घटनास्थल से मृतक का मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किया गया। 10 अगस्त की सुबह महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या के आरोप में संजय रॉय नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने एक अज्ञात पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति की गतिविधियां काफी संदिग्ध हैं और ऐसा लगता है कि वह सीधे तौर पर अपराध में शामिल है। आरोपी ब्लूटूथ हेडफोन के टूटे तार से पकड़ा गया था जो पुलिस को सेमिनार कक्ष में गिरा मिला था।
डॉक्टरों और नर्सों की सुरक्षा पर सवाल
घटना के बाद 14-15 अगस्त की दरमियानी रात कुछ अज्ञात लोगों ने सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के परिसर में घुसकर उसके कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की थी। प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों पर अचानक भीड़ ने हमला कर दिया था जिसमें कई जूनियर डॉक्टर घायल हुए थे। कोलकाता पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि उसने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में तोड़फोड़ और हिंसा के मामले में अब तक 25 लोगों को गिरफ्तार किया है।