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इल्तिजा मुफ्ती की अमित शाह को चुनौती, बोलीं- जम्मू-कश्मीर जाकर जरा जमीनी हकीकत परखें

Tue, 18 Feb 2020 11:09 PM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

पीडीपी नेता और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती मंगलवार को दिल्ली के महिला प्रेस क्लब में मीडिया से रूबरू हुईं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रदेश में सात महीने से इंटरनेट काम नहीं कर रहा है।
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इल्तिजा मुफ्ती - फोटो : PTI
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विस्तार
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पीडीपी नेता और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने कहा है कि देश के प्रधानमंत्री को या तो जम्मू-कश्मीर के जमीनी हालात के बारे में गुमराह किया जा रहा है या फिर वह देश को गुमराह कर रहे हैं। इल्तिजा मंगलवार को दिल्ली के महिला प्रेस क्लब में मीडिया से रूबरू हुईं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रदेश में सात महीने से इंटरनेट काम नहीं कर रहा है।

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यहां उन्होंने कहा कि भारतीय न्यायिक प्रक्रिया में उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसे में वह अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट में गुहार कर सकती हैं। जम्मू-कश्मीर के लोगों को मुआवजा मिलना चाहिए। मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 तो खत्म कर दिया, लेकिन अब वहां के हालात उनसे संभल नहीं रहे हैं। इसलिए लोगों पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है।  

इल्तिजा ने कहा कि मैं देश के प्रधानमंत्री का पूरा वह सम्मान करती हूं। लेकिन मुझे नहीं पता कि जम्मू-कश्मीर की जमीनी हकीकत के बारे में प्रधानमंत्री को गुमराह किया जा रहा है या फिर प्रधानमंत्री देश को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने बेबाकी से कश्मीरियों की पीडीपी और इंडियन नेशनल कांग्रेस के प्रति नाराजगी को स्वीकार किया और कहा कि लोग क्षेत्रीय पार्टियों से नाराज जरूर हैं, लेकिन वह केंद्र सरकार से ज्यादा नाराज हैं।
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उन्होंने देश के गृहमंत्री अमित शाह को चुनौती देते हुए कहा कि शाह को जम्मू-कश्मीर जाकर खुद हालात का जायजा लेना चाहिए। मेरी मां महबूबा मुफ्ती पिछले छह माह से पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत घर में ही नजरबंद हैं। बता दें कि इस कानून के तहत किसी शख्स को दो साल तक बिना ट्रायल के रखा जा सकता है। केंद्र सरकार के डोजियर में महबूबा पर आतंकियों के प्रति सहानभूति रखने, विभाजनकारिता को बढ़ावा देने का आरोप है।

डोजियर में यह भी कहा गया है कि उनकी पार्टी का हरे रंग का झंडा कट्टरपंथ का प्रतिनिधित्व करता है। इसके अलावा उन्हें उनके पिता की कट्टरपंथी विचारधारा को आगे बढ़ाने वाली पिता की पुत्री बताया गया है। उनकी तुलना कोटा रानी से भी की गई है, जिन्होंने मध्ययुग में सत्ता हासिल करने के लिए अपने विरोधियों को परास्त करने के लिए साजिश और जहर का इस्तेमाल किया था।

इल्तिजा ने कहा कि उन्हें अब न्यायिक व्यवस्था का ही सहारा है। देखना होगा कि वह अपनी शपथ पर कितना खरी उतरती है। सुप्रीम कोर्ट जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह इस बारे में वकीलों से रायशुमारी कर रही हैं। 

इसके साथ ही इल्तिजा ने यह भी कहा कि पिछले फैसलों को देखकर उनका देश की न्यायिक प्रणाली पर बहुत भरोसा कम हुआ है। हालांकि अगर जरूरत पड़ेगी तो इंटरनेशनल कोर्ट का दरवाजा खटखटाऊंगी। पार्टी और राजनीतिक जीवन के सवाल पर इल्तिजा ने कहा कि राजनीति में मेरी कोई रुचि नहीं है, लेकिन बचपन से यह सब देखा है। उन्होंने कहा कि पार्टी को खड़ा करने के लिए मेरी मां ने नाना के साथ मिलकर कड़ी मशक्कत की है। इसलिए पार्टी के हित में जो कुछ भी होगा मैं करूंगी।

उन्होंने पार्टी में अपनी भूमिका पर कहा कि मैं केवल अपनी मां के हक की लड़ाई लड़ना चाहती हूं। पीएम कह रहे हैं जम्मू-कश्मीर में विकास की नई इबारत लिखी जाएगी। केंद्र ने 500 करोड़ रुपया इंटरनेट सेवा पर खर्चा करने की बात की है। पर असल सवाल यही है कि जब इंटरनेट है ही नहीं  तो किस बात का पैसा। सोशल मीडिया प्लेटफार्म ठप है। इसलिए अब मैं कश्मीर जाकर वहां के लोगों की आवाज बनूंगी।

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