अवैध आईपीएल स्ट्रीमिंग से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने अपना आरोप पत्र दाखिल किया है। इसमें ईडी ने कहा है कि समाज में स्वीकार्यता के लिए फेयरप्ले ने मशहूर हस्तियों को अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया, जिससे लोगों को भरोसा हो सके। ईडी ने कहा कि इन मशहूर हस्तियों में रणबीर कपूर और संजय दत्त जैसे लोग शामिल थे।
शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाल ही में गिरफ्तार किए गए चिराग शाह और चिंतन शाह और घोटाले से जुड़ी फर्मों सहित 11 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया। जिसका संज्ञान धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामलों के लिए विशेष न्यायाधीश ए सी डागा ने लिया।
ईडी द्वारा जांच जिस मामले की जांच की जा रही है उसकी शुरूआत मुंबई पुलिस साइबर सेल की एफआईआर से हुई है। यह एफआईआर वायकॉम18 मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की शिकायत पर फेयरप्ले स्पोर्ट एलएलसी और अन्य के खिलाफ राजस्व की हेरा-फेरी को लेकर दर्ज की गई थी। इसके अलावा, देश भर में दर्ज की गई नौ अन्य एफआईआर को भी ईडी के मामले के साथ जोड़ा गया था।
चार्जशीट में संघीय जांच एजेंसी ने दावा किया कि इन एफआईआर के अनुसार, मामले में अपराध की कुल आय 100 करोड़ रुपये से अधिक थी। साथ ही चार्जशीट में दावा किया गया है कि मामले में गिरफ्तार आरोपी चिराग और चिंतन शाह फेयरप्ले के तकनीकी और सॉफ्टवेयर को देखते थे।
चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि फेयरप्ले ने मार्केटिंग रणनीति के तहत शीर्ष-स्तरीय हस्तियों को ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया। मामले की जांच के दौरान मुंबई साइबर पुलिस को पता चला कि विभिन्न शीर्ष-स्तरीय भारतीय हस्तियों ने भारत में फेयरप्ले ऐप का विज्ञापन और प्रचार किया। इन हस्तियों में संजय दत्त, जैकलीन फर्नाडीज, रणबीर कपूर, वरुण धवन, श्रद्धा कपूर, कियारा आडवाणी और कई खिलाड़ियों साइना नेहवाल, मैरी कॉम, मिताली राज, और दो दक्षिण अफ़्रीकी क्रिकेटर एबी डिविलियर्स और ग्रीम स्मिथ और गायक बादशाह शामिल हैं। इन मशहूर हस्तियों ने विदेशी संस्थाओं और भारतीय कंपनियों और फ़र्मों के साथ समझौते करके ऐप का विज्ञापन और प्रचार किया।
चार्जशीट के अनुसार, वेबसाइट ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म, यूट्यूब, फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर व्यापक डिजिटल मार्केटिंग अभियान भी चलाए। इसके अलावा, जांच में यह भी पाया गया कि कृष लक्ष्मीचंद शाह (फेयरप्ले के पीछे मास्टरमाइंड और फरार आरोपी) ने 'फेयरप्ले' के संचालन के लिए विभिन्न कंपनियों को पंजीकृत कराया। इसमें कहा गया है कि फेयरप्ले को बढ़ावा देने के लिए सोशल मीडिया पर युवाओं को टारगेट बनाने के लिए लोग नियुक्त किए गए जो उन्हें खेल सट्टेबाजी और ऑनलाइन गेमिंग में लुभाते थे। इसके अलावा, विभिन्न वेबसाइटों ने विभिन्न स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों को प्रायोजित किया, जिससे संभावित उपयोगकर्ताओं तक इसकी पहुंच और अपील और बढ़ गई।
जांच में पाया गया कि कृष लक्ष्मीचंद शाह ने 'फेयरप्ले' के संचालन के लिए विभिन्न कंपनियों, जैसे कि कुराकाओ में प्ले वेंचर्स एन वी और डच एंटिलीज़ मैनेजमेंट एन वी, दुबई में फेयर प्ले स्पोर्ट एलएलसी और फेयरप्ले मैनेजमेंट डीएमसीसी और माल्टा में प्ले वेंचर्स होल्डिंग लिमिटेड को पंजीकृत कराया। चार्जशीट में जांच एजेंसी ने बताया कि फेयरप्ले को मुख्य रूप से शाह द्वारा दुबई से अपने सहयोगियों जैसे कि सिद्धांत अय्यर उर्फ जो पॉल की मदद से संचालित किया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया नेटवर्क ने बताया था कि वायकॉम 18 के पास मैचों को स्ट्रीम करने के लिए बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) थे, लेकिन फेयरप्ले पर मैचों को अवैध रूप से स्ट्रीम किया गया था। इस मामले में डिजिटल पाइरेसी का मामला दर्ज किया गया है और अन्य अभिनेताओं को भी पूछताछ के लिए तलब किया जा सकता है।
क्या फेयर प्ले का महादेव एप से है कनेक्शन?
फेयरप्ले ऐप सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल की ओर से से बनाए गए महादेव ऐप से जुड़ा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) फिलहाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए महादेव बुक ऐप की जांच कर रहा है। इस मामले में रणबीर कपूर, हुमा कुरैशी, कपिल शर्मा और श्रद्धा कपूर सहित कई हस्तियों को तलब किया गया था। संजय दत्त, सुनील शेट्टी और टाइगर श्रॉफ सहित बॉलीवुड की कई बड़ी हस्तियां इस साल फरवरी में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में चंद्राकर की शादी में कथित तौर पर शामिल हुई थीं।