आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए एनआईए देशभर में छापे मारी कर रही है। जांच एजेंसी का कहना है कि पाकिस्तान, कश्मीर में हालात बिगाड़ने के लिए फंड भेज रहा है। पाक की ओर से अलगाववादी और पत्थरबाजों को फंड भेजा रहा है।
एनआईए ने सरकार को बताया कि सीमा पार से व्यापार के पिछले कुछ सालों में कमी हुई है। एक व्यापारी के अनुसार पहले हर साल लगभग 800 करोड़ रुपये का व्यापार होता था, लेकिन 2015-16 में यह घटकर 500 करोड़ रुपये हो गया है।
दिल्ली आधारित व्यापारी अपेश गर्ग का कहना है कि 2009-10 में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के रास्ते आने वाले समानों की बाढ़ लगी हुई थी, लेकिन सीमावर्ती व्यापार उल्लंघन के कारण अब इन समानों को स्थानीय तौर पर बेचना पड़ता है।
दोनों ही देश इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। भारत और पाकिस्तान के संबंधों में आई कड़वाहट के कारण व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है। जिस कारण अवैध रूप से व्यापार हो रहा है। पाकिस्तान अवैध व्यापार के रूप में अलगाववादियों और पत्थरबाजों को फंड भेजता है। पाकिस्तान से आने वाले ट्रकों का लोड नहीं जांचा जाता, जिससे पाकिस्तान की ओर से अवैध रूप से सामान भेजा जाता हैं।