केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने प्रस्ताव रखा है कि सभी आईआईटी छात्रों को ब्याज मुक्त लोन मुहैया कराया जाय। यह प्रस्ताव सरकार की विद्यालक्ष्मी स्कीम के तहत दिया गया है।
इस प्रस्ताव पर आईआईटी काउंसिल की तरफ से जल्द ही फैसला लिया जाएगा। आईआईटी काउंसिल की चेयरपर्सन होने के नाते केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी इस पर फैसला लेंगी।
जेईई रैंकिंग में 12वीं के अंकों का वेटेज खत्म होगा
इंजीनियरिंग स्नातक में एडमिशन के लिए होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) की रैंकिंग में अगले साल से 12वीं के अंक कोई मायने नहीं रखेंगे। अशोक मिश्रा कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने 2017 से प्रवेश परीक्षा के पैटर्न में बदलाव करने का निर्णय लिया है। यह रिपोर्ट व्यापक विचार विमर्श के लिए पब्लिक डोमेन में भी रखी गई थी।
मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था के तहत जेईई में रैंक निर्धारित करते समय कक्षा 12 के अंकों के आधार पर 40 फीसदी वेटेज दिया जाता है। अगले साल से यह व्यवस्था खत्म होगी।
12वीं के अंक केवल परीक्षा में बैठने के लिए जरूरी अर्हता के महत्वपूर्ण मानक होंगे। समिति ने पिछले साल नवंबर में जेईई के स्वरूप में व्यापक बदलाव की सिफारिश की थी। इसकी अनुशंसा में नेशनल टेस्टिंग सर्विस की स्थापना भी शामिल थी।
गुरुवार को ही बढ़ाई थी आईआईटी की फीस
आईआईटी छात्रों की फीस में की थी बढ़ोत्तरी
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केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने आईआईटी की फीस में बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव के बाद फीस को बढ़ा दिया है। इस बढ़ोत्तरी के बाद आईआईटी की सालाना फीस 90 हजार रुपए से बढ़ाकर 2 लाख रुपए कर दी गई है।
वहीं दूसरी ओर अगर किसी छात्र के परिवार की आय 5 लाख रुपए सालाना से कम है तो उसकी फीस में 66 फीसदी की छूट देने की बात कही है।
आईआईटी के एक पैनल ने को करीब 3 गुना बढ़ाते हुए 90 हजार से 3 लाख रुपए प्रति वर्ष किए जाने का प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव में कुछ संशोधन करते हुए फीस को 3 लाख रुपए न करते हुए 2 लाख रुपए किया गया है।
SC, ST, दलित और विकलांगों को मुफ्त शिक्षा
स्मृति ईरानी
केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने घोषणा की है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दलित और विकलांग लोगों को आईआईटी में मुफ्त में शिक्षा मिलेगी। स्मृति ईरानी ने यह घोषणा गुजरात के सूरत में बुधवार को की, जहां पर वह भाजपा के स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंची थीं।
आपको बता दें कि स्मृति ईरानी के इस कदम के बाद पूरे देश के 23 आईआईटी में पढ़ रहे छात्रों को इसका फायदा मिलेगा। स्मृति ईरानी ने कहा कि इस कदम से आईआईटी में पढ़ने वाले 60,471 छात्रों में से करीब 50 प्रतिशत को इसका फायदा मिलेगा।
मौजूदा समय में आईआईटी में अनुसूचित जाति के लिए 15 प्रतिशत आरक्षण, अनुसूचित जनजाति के लिए 7.5 प्रतिशत आरक्षण और पिछड़े वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है।