आईआईटी मद्रास के छात्रों ने बाढ़ और भूकंप के दौरान आपदा राहत अभियानों में वितरण के लिए ‘आपात राशन’ पैकेट तैयार किए हैं। इन पैकेटों में उपलब्ध भोजन को फौरन खाने के अलावा उगाया भी जा सकता है। इन पैकेटों को ‘हरित सहायता’ (ग्रीन ऐड) नाम दिया गया है। इसमें सूखा दलिया, बीज, दही का मिश्रण और पेयजल का एक पैकेट है। प्रति पैकेट कीमत करीब 25 रुपये रखी गई है।
आईआईटी छात्र, शिखर प्रकाश और मेघा अग्रवाल ने यह पैकेट तैयार किए हैं। उन्होंने इसके लिए पेटेंट अर्जी भी लगाई है। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की छात्रा अग्रवाल ने कहा कि आपदा में अकसर राहत पैकेटों का लगातार वितरण नहीं किया जाता। पीड़ित लंबे समय तक फंसे रहते हैं। ऐसे में यह राशन तुरंत तैयार कर खाया जा सकता है।
छात्रा ने बताया कि मौजूदा भोजन सहायता के विपरीत यह पैकेट पोषण से भरपूर है। माइक्रोग्रीन विटामिन और खनिज से समृद्ध होते हैं। माइक्रोग्रीन पूरी तरह उगे हुए खाद्य पदार्थ के मुकाबले ज्यादा पोषणयुक्त होते हैं।
डिजाइन के छात्र प्रकाश ने बताया कि व्यापक शोध और प्रयोग के बाद यह खाद्य पदार्थ तैयार किया गया है, जो लोगों की पोषण जरूरतों को पूरा कर सके। दोनों छात्रों ने आईआईटी-गांधीनगर में छह सप्ताह के वार्षिक ग्रीष्म कार्यक्रम में अपना उत्पाद पेश किया।