अफगानिस्तान में तालिबानी सत्ता को चुनौती देने वाली बेटी का नाम है बेहिश्ता खैरूद्दीन (26), जिन्होंने उसके उस फरमान को धता बता दिया, जिसमें लड़कियों की शिक्षा पर प्रतिबंध की बात कही गई थी।
किसी सपने को पूरा करने की ठान ली जाए तो कोई रुकावट आड़े नहीं आ सकती। इस बात को सच साबित कर दिखाया है अफगानिस्तान की एक बेटी ने, जिसने तालिबान की नाक के नीचे अपने घर में न केवल प्रयोगशाला बनाई, बल्कि भारत में आईआईटी मद्रास से एमटेक की पढ़ाई पूरी की।
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अफगानिस्तान में तालिबानी सत्ता को चुनौती देने वाली बेटी का नाम है बेहिश्ता खैरूद्दीन (26), जिन्होंने उसके उस फरमान को धता बता दिया, जिसमें लड़कियों की शिक्षा पर प्रतिबंध की बात कही गई थी। दरअसल, तालिबान के साल 2021 में सत्ता पर काबिज होने के दौरान बेहिश्ता ने केमिकल इंजीनियरिंग में मास्टर के लिए आईआईटी मद्रास में दाखिला लिया था। इसके बाद वह अपने प्रांत में फंस गईं। अलग-थलग और अपने घर तक ही सीमित बेहिश्ता ने दूर से ही अपने सभी सेमेस्टर की परीक्षा दी। आईआईटी मद्रास ने भी अफगानी बेटी की मदद में कोई कमी नहीं छोड़ी।
आप मुझे रोकेंगे, तो मैं दूसरा रास्ता खोज लूंगी
बेहिश्ता खैरूद्दीन ने सोशल मीडिया पर लिखा, मुझे कोई पछतावा नहीं है। यदि आप मुझे रोकेंगे, तो मैं दूसरा रास्ता खोज लूंगी। मुझे आप (तालिबान) पर तरस आता है, क्योंकि आपके पास ताकत है, आपके पास सब कुछ है, लेकिन आप उसका इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं।
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किसी से मांगा बीकर, किसी से माइक्रोवेव ओवन
डिग्री हासिल करने के लिए बेहिश्ता को खूब मशक्कत करनी पड़ी। तालिबान की नजरों से बचने के लिए उसने उत्तरी अफगानिस्तान स्थित अपने घर में एक खुफिया प्रयोगशाला बनाई। इसके लिए उन्होंने किसी से बीकर उधार मांगा और किसी से माइक्रोवेव ओवन लिया। दो साल तक इस प्रयोगशाला से वाई-फाई कनेक्शन वाले कंप्यूटर के जरिये उन्होंने एमटेक की पढ़ाई की।