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कोरोना वायरस की पहचान और रोकथाम के लिए आईआईटी गुवाहाटी ने तैयार की विशेष सतह

Sun, 06 Sep 2020 10:05 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
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कोरोनावायरस - फोटो : पीटीआई
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आईआईटी गुवाहाटी के शोधार्थियों ने पूरी दुनिया के लिए संकट के सबब बने कोरोना वायरस की पहचान और रोकथाम के लिए नया तरीका ईजाद किया है। शोधार्थियों ने वायरस और सरफेस स्पाइक प्रोटीन के बीच बायो इंटरफेस इंटरैक्शन का इस्तेमाल कर नोवेल कोरोना वायरस की पहचान और उसे रोकने के तरीके विकसित किए हैं। 

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शोधार्थियों के अनुसार कोरोना वायरस (SARS CoV-2) इनर न्यूक्लिक एसिड से बना है, जो सरफेस स्पाइक ग्लाइकोप्रोटीन से ढका हुआ रहता है। शोधार्थियों द्वारा तैयार की गई सतह को वायरस का पता लगाने के साथ इससे होने वाली बीमारी कोविड-19 को रोकने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

संस्थान के बायोसाइंस एंड बायोइंजीनियरिंग विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर ललित एम पांडेय ने कहा, 'वैश्विक महामारी के दौरान जांच के लिए हम एंटीबॉडी आधारित और आरटी-पीसीआर आधारित तरीकों का इस्तेमाल करते आ रहे हैं। लंबा समय, कीमत, जटिल प्रक्रिया और गलत परिणाम इन तरीकों के कुछ नकारात्मक बिंदु हैं।'
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उन्होंने कहा, 'वायरस सरफेस स्पाइक प्रोटीन और तैयार की गई सतह के बीच बायो इंटरफेस इंटरैक्शन का इस्तेमाल कोरोना वायरस की तेज जांच के लिए किया जा सकता है। एक ओर तैयार की गई सतह तीव्र जांच का एक तरीका तैयार करती है और दूसरी ओर यह वायरस से सुरक्षा का बहुत सुरक्षित तरीका सिद्ध हो सकता है, उदाहरण के तौर पर जब इसे पीपीई पर लगाया जाए।'

सरफेस मोडिफिकेशन और बायो इंटरफेशियल (प्रोटीन सरफेस) इंटरैक्शन का विश्लेषण कई प्रमुख साइंस जर्नल्स में प्रकाशित हो चुका है। इनमें मैटेरियल्स साइंस एंड इंजीनियरंग सी, एप्लाइड सरफेस साइंस, लैंगमोइर और एसीएस बायोमैटीरियल्स साइंस एंड इंजीनियरिंग जैसे प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं।

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जम्मू : आईआईआईएम ने त्वरित जांच के लिए बनाई नई किट

जम्मू स्थित सीएसआईआर के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटिग्रेटिव मेडिसिन (आईआईआईएम) ने बड़ी संख्या में कोरोना वायरस से संक्रमित संदिग्धों की त्वरित जांच के लिए एक नई, सरल और कम लागत वाली जांच किट विकसित की है। संस्थान ने इसके आकलन और मंजूरी के लिए आईसीएमआर से संपर्क साधा है। 

आईआईआईएम निदेशक डॉ. डी श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि आरटी-एलएएमपी में जटिल और महंगे उपकरण की आवश्यकता नहीं होती जो आरटी-पीसीआर जांच किट के लिए जरूरी हैं। उन्होंने कहा, 'इसके लिए पीसीआर मशीन की जरूरत नहीं है। इसलिए यह सस्ती और तेज किट होगी। हम बाजार में जाने के लिए मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।'

नई आरटी-एलएएमपी जांच आधारित किट आईआईआईएम द्वारा रिलायंस इंडस्ट्रीज की साझेदारी में विकसित किया गया है। इस नई जांच किट की कीमत तय की जानी अभी बाकी है लेकिन यह मौजूदा आरटी-पीसीआर मशीनों की लागत से काफी कम होगी। नई किट आकलन के लिए आईसीएमआर के पास है।
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