माउंट एवरेस्ट की चोटी पर नीरज चौधरी
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के पूर्व छात्र नीरज चौधरी जिस दिन माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई पर जा रहे थे, उसी दिन उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। संक्रमित होने पर उनका यह सपना पूरा नहीं हो पाया, लेकिन फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी।
आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्र ने चोटी पर लहराया तिरंगा
महज सात हफ्ते के भीतर स्वस्थ होकर वह फिर से एवरेस्ट के बेस कैंप पर थे और आखिरकार उन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी के शिखर पर तिरंगे के साथ आईआईटी का झंडा लहरा दिया ।
संक्रमित होने पर भी दिमाग में घूम रहा था एवरेस्ट
चौधरी ने बताया, मेरी जांच में कोरोना की पुष्टि हुई, तो मुझे जयपुर वापस घर आना पड़ा। इस दौरान मुझे थोड़ी थकान महसूस हो रही थी, लेकिन कोई दूसरा लक्षण नहीं था। संक्रमित होने के बावजूद मैं कोरोना के बारे में नहीं सोच रहा था।
मैं यही सोच रहा था कि मैंने वहां पहुंचने के लिए कितनी कोशिशें की और उसे पूरा करने के लिए मेरे पास यही एक मौका था। उन्होंने बताया कि इसी बात ने मुझे अपने शरीर को जल्द तैयार करने की प्रेरणा दी। 27 मार्च को मेरी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, लेकिन मैं अप्रैल में काठमांडू लौट आया और 31 मई को मेने एवरेस्ट की चोटी फतह कर ली।
सरकारी नौकरी के साथ पर्वतारोहण का जुनून
चौधरी ने 2009-11 के दौरान आईआईटी दिल्ली से पर्यावरण विज्ञान एवं प्रबंधन में एमटेक की डिग्री हासिल की थी और मौजूदा समय में वह राजस्थान सरकार के जल संसाधन विभाग में कार्यरत हैं। उन्होंने 2014 में पर्वतारोहण शुरू किया था और 2020 में उन्हें युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के तहत ‘इंडियन माउंटेनियरिंग फॉउंडेशन एवरेस्ट एक्सपेडिशन’ का सदस्य चुना गया था।