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आईआईटी बॉम्बे: छात्र की आत्महत्या मामले में नया मोड़, प्रोफेसर के खिलाफ केस दर्ज; अब क्राइम ब्रांच करेगी जांच

Sun, 20 Sep 2026 04:15 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

आईआईटी बॉम्बे के 22 वर्षीय छात्र साहिल रविंद्र वाकोड़े की मौत के मामले में एक प्रोफेसर को आरोपी बनाया गया है और जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। छात्र के माता-पिता ने संस्थागत उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया था। परीक्षा के दौरान मोबाइल और चैटजीपीटी के इस्तेमाल की बात भी सामने आई थी। आखिर उस दिन क्या हुआ था और पुलिस अब किन आरोपों की जांच करेगी?
 
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आईआईटी बॉम्बे - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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आईआईटी बॉम्बे में 22 वर्षीय छात्र साहिल रविंद्र वाकोड़े की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मुंबई पुलिस ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है और आईआईटी बॉम्बे के एक प्रोफेसर को मामले में आरोपी बनाया गया है। पुलिस के मुताबिक, अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और जांच जारी है। छात्र के माता-पिता ने अपने बेटे के साथ संस्थागत उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया था।

मामले में अब तक क्या-क्या हुआ?

  • साहिल रविंद्र वाकोड़े महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के रहने वाले थे। वह आईआईटी बॉम्बे में एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के दूसरे वर्ष के बीटेक छात्र थे।
  • शुक्रवार शाम पवई परिसर के हॉस्टल नंबर चार में उनके कमरे में उनकी मौत की जानकारी मिली। उनके माता-पिता ने संस्थागत उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए।
  • इससे कुछ घंटे पहले उन्हें मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन और चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने की बात सामने आई थी।
  • संस्थान के मुताबिक, उन्होंने परीक्षा के सवालों के जवाब पाने के लिए कथित तौर पर प्रश्नपत्र चैटजीपीटी पर अपलोड किया था।
  • पवई पुलिस ने शनिवार को भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

 

परीक्षा में क्या हुआ था और संस्थान ने क्या कहा?

आईआईटी बॉम्बे के बयान के मुताबिक, साहिल को घटना वाले दिन परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। संस्थान ने कहा कि इस मामले में उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। परीक्षा से जुड़ी स्थिति पर प्रशिक्षक और विभागाध्यक्ष ने छात्र से बातचीत की थी और उन्हें समझाया था। संस्थान के मुताबिक, छात्र को यह भरोसा भी दिया गया था कि इस घटना का उनके अकादमिक करियर पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। इसके बाद वह अपने हॉस्टल लौट गए और बाद में उनकी मौत की जानकारी सामने आई।

माता-पिता ने पुलिस से क्या शिकायत की थी?

साहिल के माता-पिता ने आरोप लगाया कि मौत से पहले उनके बेटे को संस्थागत उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा था। उनकी शिकायत के आधार पर पवई पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़ी भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। इसी मामले में आईआईटी बॉम्बे के एक प्रोफेसर को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने अभी किसी गिरफ्तारी की जानकारी नहीं दी है और पूरे मामले की जांच जारी है।

क्राइम ब्रांच को जांच सौंपने के बाद क्या होगा?

मुंबई पुलिस ने मामले को आगे की जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है। पुलिस अधिकारी के अनुसार, जांच एसीपी डिटेक्शन की देखरेख में की जाएगी। क्राइम ब्रांच अब मामले से जुड़े आरोपों और परिस्थितियों की जांच करेगी। फिलहाल यह जांच का विषय है कि छात्र की मौत से पहले की घटनाओं और लगाए गए आरोपों के बीच क्या संबंध था। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और जांच पूरी होने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

आईआईटी बॉम्बे में सात महीने में कितने ऐसे मामले हुए?

साहिल की मौत के बाद आईआईटी बॉम्बे परिसर में छात्रों ने प्रदर्शन किया और घटना की परिस्थितियों की जांच की मांग की। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह सात महीने के भीतर परिसर में आत्महत्या का तीसरा रिपोर्टेड मामला है। फरवरी में दूसरे वर्ष के एक छात्र की हॉस्टल में आत्महत्या से मौत हुई थी। इसके बाद जुलाई में नए सेमेस्टर की शुरुआत के दौरान दूसरे वर्ष के 20 वर्षीय बीटेक छात्र की भी आत्महत्या से मौत हुई थी। अब साहिल वाकोड़े की मौत के मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है।

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