सार
आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में मुंबई पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। परीक्षा के दौरान मोबाइल और चैटजीपीटी के इस्तेमाल के बाद छात्र की मौत हुई। संस्थान ने किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई से इनकार किया है, जबकि छात्रों ने निलंबन की धमकी का आरोप लगाया है।
आईआईटी बॉम्बे में छात्र की मौत पर बवाल
- फोटो : अमर उजाला
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे के एक छात्र की मौत के मामले में मुंबई पुलिस ने शनिवार को एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने यह केस उन सभी लोगों के खिलाफ दर्ज किया है, जो परीक्षा के दौरान छात्र के मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की घटना से जुड़े थे। मृतक छात्र की पहचान महाराष्ट्र के यवतमाल निवासी साहिल वाकोडे के रूप में हुई है। वह संस्थान के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में द्वितीय वर्ष का छात्र था। शुक्रवार को परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षकों ने उसे मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए पकड़ा था। इसके कुछ ही घंटों बाद शुक्रवार शाम को पवई परिसर स्थित उसके हॉस्टल के कमरे में उसका शव मिला। इस घटना के बाद से ही कैंपस में छात्रों का जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।
आईआईटी के पवई परिसर में पिछले छह महीनों के भीतर खुदकुशी की यह तीसरी घटना है। पुलिस ने शुरुआत में इस मामले में दुर्घटनावश मौत की रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज की थी। इसके बाद छात्र के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। घटना की सूचना मिलने के बाद छात्र के परिजन मुंबई पहुंच चुके हैं और पुलिस उनके बयान दर्ज कर रही है। इसके साथ ही पुलिस कैंपस के अन्य छात्रों के भी बयान ले रही है।
संस्थान प्रबंधन के अनुसार, परीक्षा चलने के दौरान साहिल ने सवालों के जवाब हासिल करने के लिए प्रश्नपत्र को चैटजीपीटी पर अपलोड किया था। हालांकि, संस्थान का दावा है कि इस घटना के बाद छात्र के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। परीक्षा निरीक्षक और विभागाध्यक्ष ने छात्र को बुलाकर समझाया था और भरोसा दिलाया था कि इस बात का उसके करियर पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। इस बातचीत के बाद साहिल अपने हॉस्टल के कमरे में लौट आया था, जहां बाद में उसकी मौत हो गई।
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संस्थान ने छात्र की मौत पर गहरा दुख जताया है और प्रभावित दोस्तों, सहपाठियों व शिक्षकों को हर तरह का सहयोग देने की बात कही है। दूसरी तरफ, घटना से नाराज छात्रों ने कैंपस में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि प्रशासन मौत से जुड़े सभी तथ्यों को सामने नहीं ला रहा है।
कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा की घटना को लेकर साहिल को एक साल के निलंबन की धमकी दी गई थी। उनका कहना था कि निलंबन होने पर उसे हॉस्टल खाली करके परिसर से बाहर रहना पड़ता। इससे उसका चार साल का इंजीनियरिंग कोर्स भी अधूरा लटक जाता। छात्रों का आरोप है कि इसी सजा के डर और मानसिक तनाव के कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। हंगामे को देखते हुए परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और मामले की जांच जारी है।