पिछले काफी समय से कथित देश विरोधी गतिविधियों को लेकर विवादों में रहने के बावजूद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने पठन-पाठन के क्षेत्र में अपनी विश्वसनीयता को कायम रखा है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से देश के टॉप विश्वविद्यालयों की जारी सूची में इस विश्वविद्यालय को दूसरे पायदान पर रखा गया है।
विश्वविद्यालय और ओवरऑल दोनों वर्गों में प्रतिष्ठित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ सांइसेज, बैंगलोर प्रथम पायदान पर है। कॉलेज वर्ग में दिल्ली विश्वविद्यालय का मिरांडा हाउस देश में टॉप पर है।
आईआईएस, बैंगलोर को देश के सबसे बेहतरीन संस्थान का दर्जा मिला है। संस्थान ने ओवरऑल के साथ-साथ यूनिवर्सिटी वर्ग में भी पहली रैंक हासिल की है। ओवरऑल वर्ग में आईआईटी मद्रास को दूसरा और आईआईटी बांबे को तीसरी रैंक मिली है।
कॉलेज वर्ग में डीयू का मिरांडा हाउस पहले, लोयला कॉलेज चेन्नई दूसरे, श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स तीसरे स्थान पर है। इंजीनियरिंग वर्ग में आईआईटी मद्रास पहले, आईआईटी बांबे दूसरे, आईआईटी खड़गपुर तीसरे स्थान तो फार्मेसी वर्ग में जामिया हमदर्द पहले, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च मोहाली दूसरे, यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल सांइसेस चंडीगढ़ को तीसरी रैंक मिली है। मैनेजमेंट वर्ग में आईआईएम अहमदाबाद पहले, आईआईएम बंगलूरू दूसरे तो आईआईएम कोलकाता तीसरे स्थान पर है। यूनिवर्सिटी वर्ग में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय को तीसरी रैंक मिली है।
मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने सोमवार को नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क के तहत नेशनल रैंकिंग 2017 की छह वर्गों के तहत सूची जारी की। ओवरऑल वर्ग के टॉप संस्थानों में आईआईटी दिल्ली को 5वां, जेएनयू को 6ठा, आईआईटी कानपुर को 7वां, आईआईटी रुड़की को 9वां, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय को 10वां, डीयू को 15वां, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को 19वां स्थान तो जामिया मिलिया इस्लामिया को 20 वीं रैंक मिली है।
भारत की दूसरी रैंकिंग में पहली बार ओवरऑल व कॉलेज वर्ग शामिल किए गए हैं। जावडे़कर ने कहा कि नेशनल रैंकिंग जारी होने से अभिभावकों और छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए संस्थान चुनने में सहायता मिलेगी। नेशनल रैंकिंग में शामिल होने की दौड़ के चलते अब शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार दिखेगा।
वहीं, सूची में शामिल संस्थानों की फंडिंग में भी बढ़ोतरी होगी। ओवरऑल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी व इंजीनियरिंग वर्ग में सौ-सौ शिक्षण संस्थानों को जगह मिली है। फार्मेसी व मैनेजमेंट में 50 संस्थानों को रैंक मिली है।