इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) नोटबंदी के बीच छात्रों का स्टूडेंट डेबिट कार्ड बना रही है, जिनका अगले हफ्ते से इग्नू के देश भर में 52 रीजनल सेंटर समेत अन्य देशों में स्थापित सेंटर में प्रयोग होगा। तीन राष्ट्रीय सरकारी बैंकों के साथ मिलकर डेबिट कार्ड लांच करने के साथ-साथ 31 दिसंबर तक डेढ़ लाख परिवारों को छात्रों के माध्यम से कैशलेस व डिजिटल पेमेंट की ट्रेनिंग दी जाएगी। खास बात यह है कि सामान्य फोन पर इंटरनेट के बिना कैसे कैशलेस ट्रांजेक्शन हो सकता है, इसके बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
इग्नू का स्टूडेंट डेबिट कार्ड अगले हफ्ते लांच होगा, जिसमें तीन बैंक सहयोग करेंगे। इग्नू में प्रतिवर्ष करीब 30 लाख छात्र पढ़ रहे हैं, जबकि दस लाख छात्र दाखिला लेते हैं। इग्नू के सभी छात्रों को दाखिले के साथ-साथ इग्नू डेबिट कार्ड दिया जाएगा। जिन छात्रों के बैंक अकाउंट नहीं होंगे, उनका जीरो बैलेंस पर अकाउंट खुलेगा। इसमें छात्रों को साल भर की फीस किश्तों के रूप में जमा करवाने की सुविधा मिलेगी। इसी खाते में छात्र द्वारा स्कॉलरशिप, कैश व अन्य माध्यम से पैसा जमा कराया जा सकेगा।
इग्नू के देश में संचालित सभी 52 रीजनल सेंटर में शुरुआत में ई-क्रांति के तहत प्रति सौ छात्रों को कैशलेस पेमेंट की ट्रेनिंग दी जाएगी। यह 5600 मास्टर ट्रेनर आगे छात्रों व उनके परिवारों को ट्रेनिंग देंगे। इसके अलावा आओ हम डिजिटल हो जाएं, बुकलेट भी बन रहा है। इस कार्ड के माध्यम से फीस के अलावा फैकल्टी टीचर को दी जाने वाले सभी भत्ते भी दिए जाएंगे। इग्नू वर्ष 2017 में सौ फीसदी डिजिटल हो जाएगा। यह डेबिट कार्ड एसबीआई, यूनियन बैंक समेत पीएनबी में वर्ष 2019 तक मान्य होगा।
फीस और अन्य भत्ते ऑनलाइन मोड से
आईआईटी भुवनेश्वर अब फीस से लेकर अन्य सभी भत्तों को लेने-देने का काम ऑनलाइन मोड से ही करेगा। मंत्रालय की अपील पर आईआईटी भुवनेश्वर के निदेशक डॉ. आरवी राजा कुमार ने डिजिटल इंडिया मुहिम के तहत कैंपस को जोड़ने की योजना को हरी झंडी दे दी है।