थोड़ा सतर्क रहें। यदि आप सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और कुछ लिखने से पहले जरा भी नहीं सोचते हैं तो थोड़ा सतर्क हो जाइए वर्ना आपके विदेश जाने के इरादों पर पानी फिर सकता है। बहुत से देशों के आव्रजन एवं सीमा सुरक्षा अधिकारी वीजा लेने वाले शख्स की सोशल मीडिया प्रोफाइल पर नजर बनाए हुए हैं। इसके जरिए वह वीजा के लिए आवेदन करने वाले शख्स की पूरी जानकारी जुटाते हैं। वह देखते हैं कि आव्रजन अधिकारी के पास जमा कराई सूचना सही है या गलत और कहीं शख्स का किसी अतिवादी संगठन से किसी तरह का जुड़ाव या मेजबान देश के नियमों के मुताबिक हेट स्पीच को बढ़ावा देने वाली पोस्ट तो अकाउंट पर नहीं डाली गई है।
यदि आवेदनकर्ता के अकाउंट में ऐसा कुछ भी पाया जाता है तो उसका
वीजा रद्द किया जा सकता है। कुछ देश जैसे कि अमेरिका के अधिकारियों के पास यह अधिकार है कि वह आपके इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस- मोबाइल या लैपटॉप की जांच कर सकते हैं। एक अंतर्राष्ट्रीय कानूनी कंपनी बेरी एप्पलमैन एंड लीडन (बीएएल) ने एक सोशल मीडिया एंड इमिग्रेशन नाम से व्हाइट पेपर जारी करते हुए यह जानकारी दी है। इस कंपनी के मुताबिक अमेरिकी सीमा पर अधिकारियों द्वारा 30,200 इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसिज को चेक किए गए, जो बीते साल की तुलना में 58 प्रतिशत ज्यादा है।
वहीं साल 2015 में केवल 8,500 मामलों में
इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच की गई थी। जांच का यह सिलसिला जारी है। इस साल 31 मार्च तक अमेरिका में 15,000 डिवाइसिज की जांच की गई। बीएएल ने अपने व्हाइट पेपर में कहा है, 'हालांकि बहुत ही कम संख्या में यात्रियों के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच की जाती है। लेकिन अमेरिका में प्रवेश करने वाले और बाहर जाने वाले लोगों को किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए क्योंकि उनसे अपने मोबाइल या दूसरे डिवाइसिज को सीमा पर अनलॉक करने के लिए कहा जा सकता है।'
बिना किसी आपराधिक आचरण के भी अधिकारी आपके इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच कर सकते हैं। वहीं अगर उन्हें आपके ऊपर शक करने या जांच करने का सही कारण मिल गया है तो वह आपके राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आपके डिवाइस को फोरेंसिक लैब भेज सकते हैं।