अगर किसी व्यक्ति के शरीर के अंदर कोरोना वायरस है और वो व्यक्ति आपके आस-पास खांस या छींक रहा है आपके मुंह, नाक और आंख के जरिए वायरस आपके शरीर के अंदर आ सकता है। इसके अलावा अगर आपने वायरस वाली किसी सतह को छू लिया हो तो भी वायरस आपके अंदर आ सकता है।
- वायरस सांस की नली के जरिए आपके गले के पीछे श्लेष्मा झिल्ली में जाता है
- वायरस के शरीर में घुसने पर औसतन पांच दिन में कोरोना के लक्षण दिखते हैं, लेकिन ये दो से 14 दिन के बीच भी दिख सकते हैं
- आपका गला दर्द करने लगेगा और सूखी खांसी के लक्षण दिखने लगेंगे
- बुखार जैसा महसूस हो सकता है, जिसका तापमान 100 डिग्री हो सकता है
कोरोना वायरस (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
कोरोना वायरस का इलाज
- मुख्य तौर पर फेफड़ें, दिल और किडनी का इलाज किया जाता है
- ऑक्सीजन थैरेपी के जरिए मास्क या हाई-फ्लो नसल कैनुला के जरिए ऑक्सीजन दी जाती है
- सांस लेने में दिक्कत होने पर मरीज को मैकेनिकल वेंटिलेटर पर लेटाया जाता है
- मरीज को ECMO मशीन की मदद दी जाती है, जो दिल-फेफड़े के बायपास मशीन की तरह काम करती है
कोरोना वायरस से बचने के लिए दवाई
- फिलहाल दुनिया में कोरोना से बचने के लिए ना ही कोई दवाई है और ना ही कोई वैक्सीन
- अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए रेमडेसिविर दवा से इलाज करने की मंजूरी है
- सामान्य से गंभीर रूप से बीमार मरीज के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और एजिथ्रोमाइसिन दवा
कोरोना वायरस से ठीक होने की अवधि
- अगर उम्र 65 साल से ऊपर है और पहले से डायबिटीज और हाइपरटेंशन की बीमारी है तो तीन हफ्ते लग सकते हैं
अस्पताल का खर्च
- निजी अस्पतालों में तीन-पांच लाख रुपये लग सकते हैं
- सरकारी अस्पतालों में कोरोना का इलाज मुफ्त होता है
कोरोना टेस्टिंग का खर्च
- निजी लैब में कोरोना का टेस्ट करने पर 4,500 रुपये का खर्च
- सरकारी लैब में कोरोना की टेस्टिंग मुफ्त होती है
- अगर आपके आस-पास कोई कोरोना संक्रमित मरीज है तो और आपके अंदर कोरोना के लक्षण हैं तो नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें
- देश में 69 फीसदी ऐसे मरीज हैं, जिनमें कोई लक्षण नहीं होते और उन्हें मेडिकल सुविधाओं की जरूरत नहीं होती
- डॉक्टर आपको कोरोना का टेस्ट करना या ना करने की सलाह देगा
- अगर किसी में कोरोना के हल्के लक्षण भी हैं तो उसे दो हफ्ते के लिए होम आइसोलेट होना जाना चाहिए
होम आइसोलेशन में क्या करें?
- घर में भी मेडिकल मास्क पहनकर रखें, आइसोलेटेड रूम में अलग से रहें और निजी सामान साझा ना करें
- मरीज की देखभाल कर रह लोगों को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीर दवा लेने की सलाह
- शरीर का तापमान मापने के लिए अपने पास एक डिजिटल थर्मामीटर जरूर रखें