अगर आपके आसपास आसमान साफ है तो आप चंद्रमा की तरफ देखें, आप साफ देखेंगे कि चंद्रमा के पास लाल तारा स्थित है। अगर आप इसे पहचान नहीं पा रहे हैं या कुछ और समझ रहे हैं तो जान लीजिए आप भ्रम में हैं। वास्तव में यह लाल तारा, तारा न होकर मंगल ग्रह है। यानि आप मंगल का दीदार कर रहे हैं।
देर रात ढाई बजे तक दिखाई देगा मंगल
आनंद भवन स्थित जवाहर तारामंडल के निदेशक डॉ. वाई किरन के अनुसार दोपहर को ढाई बजे चंद्रमा और मंदल का उदय हुआ, शाम को साढ़े चार बजे के बाद दोनों आसमान के बीच में नजर आए। देर रात ढाई बजे तक यह अद्भुत नजारा देखा जा सकता है। हालांकि, अगर आज आपके यहां आसमान साफ नहीं है तो ठीक 27 दिन बाद आसमान में फिर यही स्थिति बनेगी।
मंगल को लाल ग्रह के नाम से भी जाना जाता है
मंगल सूर्य से चौथा नजदीक ग्रह है और सौरमंडल में दूसरा सबसे छोटा ग्रह है। इस ग्रह का रंग लाल होता है इसलिए इसे लाल ग्रह के नाम से जाना जाता है। सौर मंडल में मंगल ग्रह पर सबसे अधिक खोज हो रही है। यह एकमात्र ग्रह है जहां नासा ने रोवर्स भेजा है। नासा के पास वर्तमान में कक्षा में तीन अंतरिक्ष यान हैं, और इसकी सतह पर एक रोवर और एक लैंडर है। इस ग्रह पर जीवन होने की बात कही जाती है।
स्पेस एक्स के संस्थापक एलन मस्क ने इंसानी बस्ती बसाने का किया दावा
स्पेस एक्स के संस्थापक एलन मस्क तो मंगल पर इंसानी बस्ती बसाने की तैयारी कर रहे हैं। जी हां वे बसाने का मजबूत इरादा ही नहीं रखते, इस पर बाकायदा नियोजन हो रहा है अरबों डॉलर खर्च भी हो रहा है, जो खरबों तक पहुंच जाएगा। मस्क ने अपनी योजना के बारे खुलासा भी किया है। एस्ट्रोनोमियम नाम के एक ट्विटर यूजर के सवाल का जवाब देते हुए मस्क ने कहा कि मंगल ग्रह पर पहली मानवीय कॉलोनी कांच के गोलघर जैसी होगी।