महाराष्ट्र में नागपुर पुलिस ने एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने इस संबंध में देश के विभिन्न राज्यों में 25,000 से अधिक निवेशकों से 100 करोड़ रुपए ठगने के आरोप में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है।
डीसीपी (जोन एक) नुरूल हसन ने बताया कि रैकेट के मास्टमाइंड विजय रामदास गुरनुले (35) और देवेंद्र भीमराव (34) को उनके नौ साथियों के साथ गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा, 'दोनों ने प्राधिकारियों की अनुमति के बिना 2015 में नागपुर में मेट्रो विज बिल्डकोन कंपनी की स्थापना की थी। उन्होंने श्रंखलाबद्ध विपणन के लिए एक योजना बनाई थी, जिसके तहत लोगों से इसकी सदस्यता लेने के लिए 3,000 रुपये निवेश करने को कहा गया था।’
अधिकारियों ने कहा, ‘हर निवेशक को तीन सदस्यों को जोड़ने के लिए कमीशन के तौर पर 730 रुपये प्रति माह मिलते थे। घोटालेबाजों ने 2020 में इस प्रकार की कई योजनाएं शुरू कीं और महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और कुछ अन्य राज्यों में 25,000 से अधिक निवेशकों को लूटा।’
उन्होंने कहा, ‘निवेशकों से 100 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के बाद घोटालेबाजों ने विभिन्न स्थानों पर कुछ नकदी छुपाई। इस प्रकार के एक स्थान का पता अमरावती में लगा है, जहां गुरनुले के एक संबंधी के घर से 48 लाख रुपये बरामद किए गए। नकदी को जमीन में गाड़कर रखा गया था और दो फुट गहरी खाई खोदने के बाद नकदी बरामद की गई।’
डीसीपी ने बताया कि पुलिस ने गुरनुले और उसके साथियों के पास से 1.03 करोड़ रुपये बरामद किए। हसन ने कहा, ‘गुरनुले को 19 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था जिसके बाद उसने पुलिस को ऐसी विभिन्न जगहों की जानकारी दी, जहां नकदी को छुपाकर रखा गया था।’
उन्होंने बताया कि गुरनुले के सभी बैंक खाते सील कर दिए गए हैं और पुलिस नेट बैंकिंग के माध्यम से हुए लेन-देन का पता लगाने के लिए सॉफ्टवेयर विशेषज्ञों की मदद ले रही है।
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि गुरनुले नागपुर के एक तीन सितारा होटल में हर माह लकी ड्रॉ निकाला करता था। उसने अपने कुछ निवेशकों को मोटरसाइकिलें, कंप्यूटर, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और अन्य कीमती सामान उपहार स्वरूप दिया था।