बांबे हाईकोर्ट ने सामूहिक अवकाश पर गए महाराष्ट्र के रेजिडेंट डॉक्टरों को जमकर फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि उन्हें डॉक्टरी पेशे में डर लगता है तो नौकरी छोड़ें। सामूहिक अवकाश के बहाने कंपनी के मजदूरों की तरह हड़ताल पर जाना अराजकता है। जो काम नहीं कर रहे हैं उनकी सेवा समाप्त कर दी जाए।
महाराष्ट्र के डॉक्टर के साथ कथित मारपीट की घटना से नाराज होकर सूबे के 4500 रेजिडेंट डॉक्टर सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। इसको लेकर बांबे हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश मंजुला चेल्लूर और न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी की पीठ ने सुनवाई की।
सुनवाई के दौरान महाराष्ट्र रेजिडेट डॉक्टर्स एसोसिएशन (मार्ड) के वकील ने दलील दी कि अस्पतालों में डॉक्टरों के साथ मारपीट हो रही है। पिटाई के डर से वह सामूहिक अवकाश पर जाने के लिए मजबूर हुए हैं। इस पर अदालत ने आश्चर्य व्यक्त किया।