फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वंजारा बोले- हम एनकाउंटर नहीं करते तो देश को नहीं मिलता मोदी जैसा पीएम

Mon, 30 Jan 2017 03:25 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
गुजरात पुलिस के पूर्व आईपीएस अधिकारी डीजी वंजारा ने सोमवार को पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर एक चौंकाने वाला और विवादित बयान दे दिया। वंजारा एक सम्मान समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे, इस मौके पर उन्होंने कहा, ''अगर हम इतने एनकाउंटर नहीं करते तो देश को नरेंद्र मोदी जैसा प्रधानमंत्री नहीं मिलता।''
विज्ञापन


वंजारा गुजरात पुलिस की पीठ थपथपाते हुए आतंकवादियों पर नकेल कसने की अपनी काबिलियत का बखान कर रहे थे। तभी उन्होंने पीएम मोदी को लेकर यह बयान दे दिया।

वंजारा बोले- जब मैंने कहा कि इशरत जहां आतंकी महिला है, तब किसी ने नहीं माना, लेकिन जब पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी आतंकी डेविड हेडली ने कहा कि इशरत आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की महिला विंग की सदस्य है, तो सभी ने मान लिया।

वंजारा ने कहा कि राज्य के 33 जिलों में से 30वें जिले में उनका सम्मान किया जा रहा, यह इस बात की बानगी है कि प्रदेश की जनता को गुजरात पुलिस पर भरोसा है। हमारी पुलिस ने वो काम किया है, जो दूसरे राज्यों और देशों की पुलिस नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के निशाने पर हमेशा नेता होते हैं, और पुलिस का काम है उनकी सुरक्षा तय करना। जो कि दूसरे राज्यों की पुलिस नहीं कर पाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

'इंदिरा-राजीव को पुलिस नहीं बचा पाई, हमने मोदी को बचाया'

वंजारा ने कहा कि हमने पूर्व में देखा है कि पंजाब के नेता बेअंत सिंह को आतंकियों ने मारा, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी आतंकियों का निशाना बन गए, वहां की पुलिस उन्हें नहीं बचा पाई। 

वहीं, गुजरात पुलिस नरेंद्र मोदी को महफूज रखने में कामयाब रही, अगर हमने इतने एनकाउंटर नहीं किए होते देश को उनके जैसा पीएम नहीं मिल पाता। इस मौके पर वंजारा ने श्रीलंका के राष्ट्रपति और पाकिस्तान की पीएम बेनजीर भुट्टो के भी उदाहरण दिए। 

आपको बता दें कि इशरत जहां मुंबई के खालसा कॉलेज की स्टूडेंट थीं, जिसके कथित फर्जी एनकाउंटर मामले में वंजारा पर सीबीआई की विशेष अदालत में मुकदमा चल रहा है। वंजारा फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। वंजारा को गुजरात पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर जाना जाता है। उन्होंने 2002 से 2005 तक अहमदाबाद की क्राइम ब्रांच के डिप्टी कमिश्नर रहते हुए करीब बीस लोगों का एनकाउंटर किया। बाद में सीबीआई ने उन एनकाउंटरों को फर्जी करार दिया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें