गेट्स फाउंडेशन के सीईओ मार्क सुजमैन ने कहा कि विकास के लिए डिजिटल टूल्स का स्मार्ट तरीके से इस्तेमाल करने के मामले में भारत एक टेस्ट केस और मॉडल है। सुजमैन ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) में अगर कोविड-19 प्रबंधन शामिल होता तो इसने जबरदस्त सफलता दिखाई होती। सुजमैन ने एक इंटरव्यू में कहा कि भारत ने महामारी सहित विभिन्न चुनौतियों के बावजूद अपने स्वयं के विकास को जारी रखा।
गेट्स फाउंडेशन के सीईओ ने कहा कि कोविड-19 टीकों की दो अरब से ज्यादा खुराक प्राप्त कर और नब्बे प्रतिशत टीकाकरण दर तक पहुंचकर भारत ने दिखाया है कि काम किस तरह किया जा सकता है।
सुजमैन ने टीकों के निर्माण में भारत के नेतृत्व का हवाला दिया और कहा कि गेट्स फाउंडेशन की सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक के साथ लंबे समय से साझेदारी है। सुजमैन ने कहा, मुझे लगता है कि भारत ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिखाया है।
फाउंडेशन के सीईओ ने गरीबी में कमी और बाल मृत्यु दर में कमी सहित विभिन्न विकास मानकों में भारत और कुछ अन्य देशों द्वारा की गई प्रगति का भी जिक्र किया। महामारी के प्रभावों पर बात करते हुए उन्होंने भारत के कोविन डिजिटल टीकाकरण मंच की भी सराहना की।
गेट्स फाउंडेशन की छठी गोलकीपर्स रिपोर्ट
बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की ओर से छठी वार्षिक गोलकीपर्स रिपोर्ट जारी की गई है। जिसमें कोविड-9 महामारी, यूक्रेन युद्ध और जलवायु एव खाद्य संकटों के बारे में बात की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों का लगभग हर संकेतक (इंडिकेटर) पटरी से उतर गया है।
बिल गेट्स ने कहा कि इसमें हैरानी की कोई बात नहीं है कि कई संकटों के बीच प्रगति बाधित हुई है। लेकिन इस कारण से हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। लोगों के जीवन को बचाने और पीड़ा को कम करने के लिए प्रत्येक कदम मायने रखता है।
बिल गेट्स और मेलिंडा फ्रेंच गेट्स ने अपने अपने लेखों में लैंगिक समानता और खाद्य सुरक्षा को हासिल करने के लिए नया नजरिया अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने यह समझाने के लिए एचआईवी/एड्स से निपटने में उल्लेखनीय प्रगति का भी हवाला दिया कि जब दुनिया पुरानी समस्याओं के दीर्घकालिक समाधानों और नवोन्मेषी दृष्टिकोणों में निवेश करती है तो क्या नतीजे निकल सकते हैं। एचआईवी/एड्स के कारण होने वाली मौत के वार्षिक मामलों में दो हजार और 2020 के बीच लगभग 60 प्रतिशत की गिरावट आई है।