उड़ी हमले के बाद देश में आक्रोश का वातावरण है। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने शनिवार को कहा कि अगर भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ तो मैं भी सीमा पर लड़ने जाऊंगा। हालांकि, अन्ना का कहना है कि हमें युद्ध नहीं लड़ना चाहिए, लेकिन अगर पाकिस्तान के रुख में बदलाव नहीं आता है तो जंग लड़नी पड़ेगी। अन्ना खुद पर बनी एक फिल्म से जुड़े कार्यक्रम में मुंबई आए थे। उन्होंने कहा कि उड़ी में जो खौफनाक घटना हुई है मैं उससे बहुत आहत हूं और हमले पर सरकार की प्रतिक्रिया का समर्थन करता हूं।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ‘अच्छे दिनों’ के बारे में आप मुझसे ज्यादा जानते हैं। अन्ना ने पाकिस्तानी कलाकारों को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की ओर से दी गई धमकी पर कहा कि युद्ध और कला में अंतर होता है। दोनों को हमें अलग रखना चाहिए। महाराष्ट्र में कापर्डी कांड के बाद से राज्य में शुरू मराठों के मूक आंदोलन के बारे में उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
केजरीवाल के दिमाग में घुसा सत्ता का मद
अन्ना ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बारे में कहा कि उसके दिमाग में सत्ता का मद घुस गया है। अन्ना ने दिल्ली सरकार के मंत्रियों की करतूत पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह मेरा नुकसान है और मैं दुखी हूं। अन्ना ने कहा कि अगर 2011 वाली टीम होती तो देश की हालत कुछ और होती।