देवगढ़ और रत्नागिरी के अल्फांसो पूरी दुनिया में मशहूर हैं, लेकिन ये बहुत सीमित समय के लिए कम मात्रा में पैदा होते हैं, लिहाजा महंगे होते हैं। फिलहाल, अल्फांसो (हापुस) की खुदरा बाजार में कीमत 800 से 1,300 रुपये दर्जन के बीच है।
आम को फलों का राजा कहा जाता है। वहीं, आमों में भी अल्फांसो की बादशाहत निर्विवाद है। हालांकि, महंगाई की वजह से बहुत से लोग इसके जायके से महरूम रह जाते हैं। महाराष्ट्र के पुणे में गुरुकृपा ट्रेडर्स एंड फ्रूट प्रोडक्ट्स चलाने वाले गौरव सनस ने जेब से तंग आम के दीवानों के लिए ईएमआई की व्यवस्था शुरू की है। गौरव का कहना है कि लोग फ्रिज, एसी, मोबाइल, फर्नीचर सब किश्तों पर खरीदे रहे हैं, तो आम क्यों नहीं खरीद सकते।
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गौरव कहते हैं, देवगढ़ और रत्नागिरी के अल्फांसो पूरी दुनिया में मशहूर हैं, लेकिन ये बहुत सीमित समय के लिए कम मात्रा में पैदा होते हैं, लिहाजा महंगे होते हैं। फिलहाल, अल्फांसो (हापुस) की खुदरा बाजार में कीमत 800 से 1,300 रुपये दर्जन के बीच है।
महंगे होने से कई ग्राहक लौटते हैं खाली हाथ : 12 साल से आम का व्यापार कर रहे गौरव कहते हैं, पहले तमाम लोग आम की कई-कई पेटियां ले जाते थे, लेकिन जैसे-जैसे कीमत बढ़ी, तो लोग कतराने लगे। जाहिर है इसकी वजह से कई ग्राहक खाली हाथ भी लौट जाते हैं। ग्राहकों की मांग पर ही उन्होंने पीओएस मशीन रखना शुरू किया, ताकि डेबिट-क्रेडिट कार्ड से भुगतान हो सके।