भाजपा के पिछड़ा वर्ग कैबिनेट मंत्री रविवार को आयोजित भागीदारी आंदोलन मंच के कार्यक्रम में अपनी ही सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग उपेक्षित नहीं, गमखोर है। कहा सरकार हमारी नहीं सुनेगी तो हम शोले फिल्म का गब्बर बनने को तैयार हैं। भाजपा पिछडे़ वर्ग को भी लोक सभा, विधान सभा में चुनाव लड़ने का मौका दें। कोतवाली क्षेत्र के सरगम नैनी गांव स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में रविवार को भागीदारी आंदोलन मंच जिला इकाई इलाहाबाद के तत्वावधान में कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा सरकार के कैबिनेट मंत्री पिछड़ा वर्ग कल्याण ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि हमारे गरीब बच्चे भी आगे चलकर सिपाही, दरोगा, कलेक्टर बन कर समाज की सेवा करें। ये तभी संभव है जब पिछड़ों को मिलने वाला 27 तथा दलितों को मिलने वाले 22 फीसदी आरक्षण में विभाजन हो। राजभर ने कहा कि भाजपा पार्टी पिछड़े वर्ग के लोगों को भी पार्टी से चुनाव लड़ने का मौका दें।
उन्होंने चेतावनी दी कि हमारे समाज की अनदेखी करने पर हम सरकार के खिलाफ आंदोलन करने को भी मजबूर हो सकते है। राजभर ने कहा भाजपा ने अति पिछड़ी जातियों से लुभावने वादे करके आज तक केवल ठगने का काम किया है। अति पिछड़ा, अति दलित वर्ग 2019 के लोकसभा चुनाव में वोट का बहिष्कार करेगा। उन्होंने आगे की रणनीति के बारे में बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के खिलाफ एक महीने बाद पूरे प्रदेश में हम आंदोलन करेंगे।
उन्होंने बिहार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी शराब प्रतिबंधित करने पर जोर दिया। इस मौके पर आयोजक प्रेम चंद प्रजापति, कीर्ति प्रकाश द्विवेदी, डा. महेंद्र चंद्र, कार्यक्रम के संयोजक अनिल कुमार विश्वकर्मा, राजेंद्र कुमार विश्कर्मा, संजय गोस्वामी, उमा शंकर प्रजापति, नूर मोहमद अंसारी समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में नदारद दिखे भाजपाई
कार्यकर्ता सम्मेलन में स्थानीय भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने पूरी तरह से दूरी बनाए रखी। कार्यक्रम में न तो बड़े नेता और न ही कार्यकर्ता पहुंचे। इसका कारण राजभर का अपनी ही सरकार के खिलाफ कई बार सभाओं में तल्ख टिप्पणी करना है।