भारत विश्व में सबसे बड़ा मोबाइल गेमिंग बाजार बन चुका है और प्लेयर्स अननोन बैटल ग्राउंड, यानी पबजी नंबर 1 रहा है। लॉकडाउन में युवाओं के लिए यह समय काटने का बड़ा जरिया बना। लेकिन इसे दिमाग पर बुरा असर पड़ने के भी मामले सामने आए।
एक ओर इस पर चीनी सरकार को डाटा पहुंचाने के आरोप लगे थे वहीं खेलने वालों की मानसिक स्थिति को नुकसान पहुंचाकर उन्हें खतरे में डाल रहा था। हाल ही में पेश आए कुछ मामले..
- तेलंगाना का लड़का लगातार पबजी खेलता रहा। 45वें दिन उसकी गर्दन में तेज दर्द उठा। हैदराबाद के अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया। वजह नर्वस डैमेज होना बताई गई।
- मध्यप्रदेश में छिंदवाड़ा में पबजी खेल में डूबा एक युवा प्यास लगने पर उठा और बदगुमानी में घर में रखी बोतल से पानी समझकर तेजाब पी गया।
- महाराष्ट्र के हिंगोली में पटरी पर खेलते दो लड़कों को अजमेर हैदराबाद एक्सप्रेस ने काट दिया।
- जम्मू में एक जिम ट्रेन 10 दिन पबजी खेलने के बाद दिमागी रूप से बीमार हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां दिमाग संतुलन बिगड़ने की बात सामने आई। जम्मू के चिकित्सकों ने पबजी की वजह से अपने यहां आया साल छठवां मामला बताया, साथ ही बच्चों को इस गेम से दूर रखने की सिफारिश की।
- मुंबई में 18 साल के लड़के को पबजी खेलने का ऐसा जुनून सवार हुआ कि उसने माता पिता से नए फोन की मांग कर डाली। माता पिता ने फोन नहीं दिलाया तो आत्म हत्या कर ली।