भारत की नीति अपने हर पड़ोसी देश के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध की है। विदेश नीति के जानकारों का कहना है कि प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौर तक इस नीति में कोई बदलाव नहीं आया। एक राजनयिक के मुताबिक भारत पंचशील के सिद्धांतों को मानने वाला देश है, लेकिन पाकिस्तान के साथ रिश्ते बेहद जटिल मोड़ पर हैं। सूत्र का कहना है कि पाकिस्तान यदि भारत के साथ अच्छे, शांतिपूर्ण, सहयोगात्मक रिश्ते चाहता है तो बताए, उसने अब तक अपने वादे पर क्या किया?
सूत्र का कहना है कि नई दिल्ली का इस्लामाबाद से सवाल है कि उसने पिछले कुछ सालों में क्या किया? इस्लामाबाद को आतंकवाद के विरुद्ध सौंपे गए डौजियर के बारे में जवाब देना होगा। उसे आइटम-बाइ-आइटम बताना होगा? हालांकि सूत्रों का कहना है कि पुलवामा में 14 फरवरी को आतंकी हमला होने के बाद भारत 26 फरवरी को बालाकोट में एयरस्ट्राइक की थी। इसके बाद 27 फरवरी को पाकिस्तान के कार्यवाहक उच्चायुक्त को तलब करके उन्हें डौजियर सौंपा था।
इस डौजियर में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों की करतूत, उनके ठिकाने समेत अन्य आतंकी संगठनों के बारे में जानकारी थी। बताते हैं भारत ने पाकिस्तान की मांग पर उसे पहले भी आतंकी घटनाओं से जुड़े सबूत, डौजियर सौंपे हैं। ऐसे में पाकिस्तान को बताना होगा उसने रिश्ते को विश्वसनीय आधार देने के लिए क्या किया है। सूत्र का कहना है कि जब तक पाकिस्तान विश्वसनीयता पर खरा नहीं उतरता तब तक उसके साथ संबंधों के सामान्य होने की संभावना कम है।