विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने कहा है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में यदि व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये जूनियर विद्यार्थियों को परेशान किया जाता है तो इसे रैगिंग माना जाएगा। ऐसे मामलों में रैगिंग विरोधी नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। यूजीसी ने उच्च शिक्षण संस्थानों को अनौपचारिक व्हाट्सएप ग्रुप की निगरानी करने का निर्देश दिया है। यूजीसी ने निर्देश में कहा, कई मामलों में वरिष्ठ विद्यार्थी अनौपचारिक व्हाट्सएप ग्रुप बनाते हैं, जूनियर विद्यार्थियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। यह भी रैगिंग के समान है और इसके लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।