महाराष्ट्र में मराठा आंदोलन का नेतृत्व करने वाले मनोज जरांगे ने गुरुवार को दावा किया कि अगर उन्हें गिरफ्तार किया गया तो करोड़ों मराठा भूख हड़ताल पर चले जाएंगे। जरांगे ने अस्पताल में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मराठा समुदाय अपने अधिकारों के लिए लड़ रहा है।
गौरतलब है कि जरांगे ने तीन दिन पहले जालना में अपने पैतृक गांव अंतरवाली सरती में अपना अनशन खत्म किया था। इसके बाद से ही उनका फिलहाल देश के छत्रपति संभाजीनगर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
मनोज जरांगे ने आगे कहा, 'सरकार के पास अभी भी सेज सोयरे (कुनबी मराठों के रक्त संबंधी) मसौदा अधिसूचना को लागू करने का मौका है। समुदाय इसकी सराहना करेगा। पात्र कुनबी (ओबीसी) मराठों को प्रमाण पत्र जारी करने के लिए जनवरी में मसौदा अधिसूचना जारी की गई थी।
जरांगे ने भाजपा नेता पर लगाया गंभीर आरोप
दरअसल, जारांगे ने हाल ही में महाराष्ट्र विधानमंडल द्वारा एक विशेष श्रेणी के तहत मराठा समुदाय को दिए गए 10 प्रतिशत आरक्षण पर अपना विरोध दोहराया है। वहीं, रविवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के खिलाफ असंयमित भाषा का इस्तेमाल करने के लिए उनकी आलोचना भी हो रही है, क्योंकि उन्होंने आरोप लगाया था कि भाजपा नेता उन्हें मारने की कोशिश कर रहे थे।
विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने मंगलवार को राज्य सरकार को एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने और फड़नवीस के खिलाफ जारांगे की टिप्पणियों की व्यापक जांच करने का निर्देश दिया था।
जरांगे ने कहा, 'मराठा समुदाय और मैं (जिन मराठों के पास कुनबी प्रमाणपत्र हैं) रिश्तेदारों के लिए आरक्षण की मांग नहीं छोड़ेंगे, भले ही मुझे जेल में डाल दिया जाए। ऐसा लगता है कि (एसआईटी की) रिपोर्ट जांच से पहले तैयार होने वाली है। चाहे वे मुझे कहीं भी रखें, मैं कहीं भी जाने के लिए तैयार हूं।'
करोड़ों मराठा समुदाय के लोग भूख हड़ताल पर बैठे मिलेंगे
मनोज ने आगे कहा, 'मैं एक रुपये का भी लालची नहीं हूं। उन्हें मुझे गिरफ्तार करने दीजिए। जिस रास्ते से मुझे जेल ले जाया जाएगा, उस रास्ते पर उन्हें (सरकार) करोड़ों मराठा समुदाय के लोग भूख हड़ताल पर बैठे मिलेंगे।'