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चिंताजनक: ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन नहीं घटाया तो दो दशकों में तबाही, देर करने पर 70 फीसदी आबादी आएगी चपेट में

Tue, 17 Sep 2024 05:58 AM IST
शिव शुक्ला अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

शोधकर्ताओं के अनुसार, शोध के परिणाम यह बताते हैं कि खासकर एशिया में वायु प्रदूषण को तेजी से कम करना बेहद जरूरी है। गहरे वायु प्रदूषण के कारण गर्म चरम स्थितियों में तेजी से वृद्धि होती है जो एशियाई ग्रीष्मकालीन मानसून को प्रभावित करती है।
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वायु प्रदूषण पर लगाम लगाना स्वास्थ्य के लिए जरूरी - फोटो : ani
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विस्तार
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यदि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में जबरदस्त तरीके से लगाम नहीं लगाई जाती है तो दुनिया की 70 फीसदी आबादी को अगले 20 सालों में चरम तापमान और भयंकर बारिश संबंधी तेज बदलावों का सामना करना पड़ेगा। रीडिंग विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय जलवायु अनुसंधान के वैज्ञानिकों के नेतृत्व में किए गए शोध से पता चलता है कि यदि पेरिस समझौते के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए उत्सर्जन में पर्याप्त कटौती की जाती है तो 20 फीसदी आबादी के ही चरम मौसम के खतरों का सामना करने के आसार हैं। नेचर जियोसाइंस पत्रिका में प्रकाशित शोधपत्र दिखाता है कि कैसे ग्लोबल वार्मिंग, मौसम में सामान्य बदलावों के साथ मिलकर चरम तापमान और बारिश दोनों में बहुत तेज बदलावों की एक दशक लंबी अवधि पैदा कर सकता है।

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बड़े जलवायु मॉडल सिमुलेशन का उपयोग
सटीक पूर्वानुमान जानने के लिए अध्ययन में बड़े जलवायु मॉडल सिमुलेशन का उपयोग किया गया। इसमें सामने आया कि उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के बड़े हिस्से में उच्च उत्सर्जन परिदृश्य के तहत अगले 20 वर्षों में तापमान और बारिश दोनों की चरम सीमाओं में बदलाव होने के आसार हैं। इस क्षेत्र में वर्तमान जनसंख्या का 70 फीसदी हिस्सा निवास करता है। उत्सर्जन में भारी कमी होती है तो यह संख्या 20 फीसदी या लगभग 1.5 अरब लोगों तक गिरने की उम्मीद है।

मृत्यु दर में बढ़ोतरी का खतरा बढ़ रहा  
शोधकर्ताओं के अनुसार, परिणाम बताते हैं कि मौसम और तापमान में तेजी से होने वाले बदलावों के कारण अभूतपूर्व परिस्थितियों और चरम घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है। यह खतरा वर्तमान में जलवायु परिवर्तन के वास्तविक प्रभावों के अनुपातहीन हिस्से के लिए जिम्मेदार है। उदाहरण के लिए परिस्थितियां ऐसी बन जाएंगी, जिसकी वजह से गर्मी के तनाव और लोगों और पशुओं दोनों की  मृत्यु दर अत्यधिक हो जाएगी।  
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वायु प्रदूषण पर लगाम लगाना स्वास्थ्य के लिए जरूरी
शोधकर्ताओं के अनुसार, शोध के परिणाम यह बताते हैं कि खासकर एशिया में वायु प्रदूषण को तेजी से कम करना बेहद जरूरी है। गहरे वायु प्रदूषण के कारण गर्म चरम स्थितियों में तेजी से वृद्धि होती है जो एशियाई ग्रीष्मकालीन मानसून को प्रभावित करती है। इसके अलावा वायु प्रदूषण पर लगाम लगाना लोगों की सेहत के लिए भी जरूरी है। वायु प्रदूषण ने ग्लोबल वार्मिंग के कुछ प्रभावों को भी छिपा दिया है।

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