यदि आप ई-वॉलेट का इस्तेमाल करते हैं और उसकी केवाईसी नहीं कराई है तो दिक्कत हो सकती है। उसके प्रमाणीकरण कराने की अंतिम तिथि 28 फरवरी निकल चुकी है। 1 मार्च से ग्राहक बिना प्रमाणीकरण अपने ई-वॉलेट में पैसा जोड़ नहीं सकते, हालांकि उसमें पहले से पड़े पैसे नहीं डूबेंगे। ग्राहक चाहें तो उसमें पड़े पैसे को अपने बैंक खाते में हस्तांतरित कर सकते हैं।
दरअसल ई-वॉलेट की सुरक्षा एक चुनौती बनी हुई है। इसलिए आरबीआई ने ग्राहकों की सुरक्षा के साथ लेनदेन को पारदर्शी बनाने के लिए केवाईसी को अनिवार्य किया है। नए दिशा निर्देश के मुताबिक, ग्राहक केवाईसी की शर्तों को पूरा कर ई वॉलेट के जरिये दस हजार रुपये तक का लेनदेन कर सकते हैं।