सत्तारूढ़ माकपा (सीपीआईएम) ने मंगलवार को कहा कि किसी चरमपंथी संगठन या सांप्रदायिक ताकत पर प्रतिबंध लगाने से उसकी गतिविधियां खत्म नहीं होंगी। अगर इस तरह का कदम उठाना है तो सबसे पहले आरएसएस को प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।
माकपा के राज्य महासचिव एम. वी. गोविंदन का यह बयान तब आया है, जब इस तरह की रिपोर्ट्स सामने आईं कि केंद्र सरकार, पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) को आतंकी संगठनों की सूची में शामिल करने की योजना बना रही है।