कृषक मुक्ति संग्राम समिति के नेता अखिल गोगोई ने रविवार को कहा कि यदि असम के लोगों को उचित सम्मान नहीं दिया जाता और नागरिकता संशोधन बिल को पास किया जाता है तो हमें सरकार से यह कहने की हिम्मत दिखानी चाहिए कि हम भारत में नहीं रहने पर विचार कर सकते हैं।
बिल के खिलाफ असम के तिनसुकिया जिले में एक रैली में उन्होंने कहा कि अगर सरकार हमें सम्मान देती है तो हम देश के साथ हैं लेकिन अगर स्थानीय लोगों की भावनाओं की उपेक्षा की जाती है तो हमें भारत में नहीं रहने के बारे में सोचना चाहिए।
बिल में बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के गैर मुस्लिमों को भारतीय नागरिकता देने का प्रस्ताव है और कई दलों एवं संगठनों ने दावा किया है कि इसका संवेदनशील सीमावर्ती राज्य की भौगोलिक स्थिति पर विपरीत असर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि विधेयक के प्रावधान से 1985 का असम समझौता खत्म हो जाएगा जिसमें मार्च 1971 के बाद राज्य में प्रवेश करने वाले सभी अवैध प्रवासियों को वापस भेजे जाने का प्रावधान है, चाहे वे किसी भी धर्म के हों।