सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर आप वोट नहीं डालते हैं तो आपको सरकार से सवाल करने या उसे दोष देने का ‘कोई हक नहीं’ है। देश में अतिक्रमणों को हटाने के लिए एक व्यापक आदेश देने की मांग कर रहे एक कार्यकर्ता ने स्वीकार किया कि उसने कभी भी वोट नहीं डाला, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की।
चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट अतिक्रमण से जुड़े मामले में व्यापक आदेश जारी नहीं कर सकता, क्योंकि यह मामला राज्यों से जुड़ा है। उन्होंने कहा, ‘आप सरकार को हर चीज के लिए दोष नहीं दे सकते। अगर कोई व्यक्ति मतदान नहीं करता है तो उसे सरकार से सवाल करने का कोई हक नहीं है।’ खेहर की अध्यक्षता में सुनवाई कर रही पीठ में जस्टिस एनवी रामन्ना और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ शामिल थे।