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ICMR: अस्पतालों के मरीजों में छह से ज्यादा घातक बैक्टीरिया, 95728 मरीजों की जांच के बाद तैयार रिपोर्ट में दावा

Sun, 11 Sep 2022 05:58 AM IST
देव कश्यप परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली।

सार

एस्चेरिचिया कोलाई बैक्टीरिया सबसे ज्यादा मरीजों में मिला। क्लेबसिएला, एसिनेटोबेक्टर बामनिया, स्यूडोमोनास एरुगिनोसा व स्टैफिलोकोकस ऑरियस जैसे बैक्टीरिया भी मिले हैं। रिपोर्ट जनवरी से दिसंबर, 2021 के बीच दिल्ली एम्स जैसे चिकित्सीय संस्थानों में भर्ती 95,728 मरीजों की जांच के आधार पर तैयार की गई है। 
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बैक्टीरिया (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
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देश के 39 अस्पतालों में भर्ती हुए मरीजों में आधा दर्जन से भी ज्यादा जानलेवा बैक्टीरिया मिले हैं। खास बात है कि ये गैर-कोविड मरीजों में भी सामने आए हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महामारी विज्ञान विभाग ने एंटीमाइक्रोबियल सर्विलांस की ताजा रिपोर्ट में यह खुलासा किया है।

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एस्चेरिचिया कोलाई बैक्टीरिया सबसे ज्यादा मरीजों में मिला। क्लेबसिएला, एसिनेटोबेक्टर बामनिया, स्यूडोमोनास एरुगिनोसा व स्टैफिलोकोकस ऑरियस जैसे बैक्टीरिया भी मिले हैं। रिपोर्ट जनवरी से दिसंबर, 2021 के बीच दिल्ली एम्स जैसे चिकित्सीय संस्थानों में भर्ती 95,728 मरीजों की जांच के आधार पर तैयार की गई है। 

आईसीयू में क्लेबसिएला बैक्टीरिया का खतरा
क्लेबसिएला बैक्टीरिया स्वस्थ लोगों में नहीं मिलता है। अस्पतालों में भर्ती मरीजों में इसका जोखिम रहता है। खासतौर पर आईसीयू में इसके संक्रमण की आशंका रहती है। कोरोना की दूसरी लहर में भर्ती हुए लाखों मरीजों में क्लेबसिएला बैक्टीरिया मिलने की आशंका थी।
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रक्त प्रवाह और मूत्र संक्रमण से बढ़ी मृत्यु दर
महामारी में रक्त-यूरिन संक्रमण सर्वाधिक देखे गए। रक्त संक्रमण से मृत्यु दर 30 फीसदी से अधिक व यूरिन संक्रमण से 28 फीसदी थी। हालांकि, मौत के पीछे नाजुक हालत व अन्य चिकित्सकीय कारण भी हो सकते हैं।

49 फीसदी मरीजों में साल्मोनेला व शिगेला
मरीजों में ज्यादातर एंटर बैक्टीरिया सामने आए हैं। इनमें साल्मोनेला और शिगेला (49.5 फीसदी) शामिल हैं। इनके अलावा बेसिली (27.4 फीसदी), स्टैफीलोकोसी (12 फीसदी), एंटरोकोकी (5.9 फीसदी), फंगस (3.6 फीसदी), टाइफाइड साल्मोनेला (0.5 फीसदी) व स्ट्रेप्टोकोक्की (0.4 फीसदी) बैक्टीरिया भी मिले हैं।

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