Monkeypox In India: भारत में अब तक मंकीपॉक्स के नौ मामले सामने आ चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा पांच मामले केरल में मिले हैं।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी), पुणे की लैब ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से लौटे दो यात्रियों के मंकीपॉक्स मामलों का विश्लेषण किया है। विश्लेषण से पता चला कि दोनों मामले मंकीपॉक्स वायरस (Monkeypox Virus) स्ट्रेन A.2 से संक्रमित थे जो hMPXV-1A क्लैड-3 से संबंधित है। बता दें कि, भारत (India) में अब तक मंकीपॉक्स के नौ मामले सामने आ चुके हैं।
इन नौ मामलों में सबसे ताजा मामला दो दिन पहले (गुरुवार को) दिल्ली में मिला था। यहां 31 वर्षीय नाइजीरियाई महिला इस बीमारी से संक्रमित मिली थी, जो वायरल संक्रमण से पीड़ित होने वाली देश में पहली महिला है। महिला को लोक नायक अस्पताल में भर्ती कराया गया था और पिछले तीन मरीजों की तरह उसका विदेश यात्रा का कोई इतिहास नहीं है।
देश में नौ मामले सामने आए
दिल्ली में मंकीपॉक्स से संक्रमित पाए गए पहले मरीज को बीते सोमवार को एलएनजेपी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। कुल नौ मामलों में से चार मामले दिल्ली के हैं जबकि बाकी पांच केरल में सामने आए हैं।दुनिया के अन्य हिस्सों में भी मंकीपॉक्स के मामले सामने आए हैं, विशेष रूप से अमेरिका और यूरोप में।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किए हैं दिशा-निर्देश
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बीते बुधवार को वायरल बीमारी पर क्या करें और क्या न करें की सूची भी जारी की थी। केंद्र ने बीमारी को फैलने से रोकने के उपायों के रूप में हैंड सैनिटाइजर के उपयोग, साबुन से हाथ धोने और मुंह को मास्क से ढकने की बात कही थी। केंद्र ने मंकीपॉक्स से संक्रमित लोगों के साथ बिस्तर, कपड़े, तौलिये आदि साझा नहीं करने की भी सलाह दी है।
अमेरिका में 6600 से ज्यादा मामले
अमेरिका में मंकीपॉक्स के मामलों की संख्या बीते बुधवार को 6,600 को पार कर गई, जिसके बाद बाइडन प्रशासन ने मंकीपॉक्स के प्रकोप को सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने का फैसला लिया था। संक्रमितों में लगभग सभी पुरुषों के साथ यौन संबंध रखने वाले पुरुष हैं। अमेरिका के स्वास्थ्य और मानव सेवा मंत्री जेवियर बेसेरा ने एक ब्रीफिंग में कहा, "हम इस वायरस से निपटने के लिए अपनी प्रतिक्रिया को अगले स्तर तक ले जाने के लिए तैयार हैं, और हम हर अमेरिकी से मंकीपॉक्स को गंभीरता से लेने का आग्रह करते हैं।"
WHO मंकीपॉक्स को घोषित कर चुका है वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी बीते 23 जुलाई को मंकीपॉक्स को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था। जो इसका उच्चतम अलर्ट स्तर है। पिछले महीने डब्ल्यूएचओ की घोषणा एक समन्वित अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया को शुरू करने के लिए डिजाइन की गई थी और इसका मकसद टीकों और उपचारों के सहयोग के लिए धन जुटना था। यह बीमारी मध्य और पश्चिम अफ्रीका के कुछ हिस्सों में दशकों से है, लेकिन यह बाहर इतने व्यापक रूप से नहीं फैली थी।