केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने क्यासानूर वन रोग (केएफडी) यानी 'बंदर बुखार' के लिए सुधारित और प्रभावी वैक्सीन के मानव क्लिनिकल ट्रायल की शुरुआत कर दी है।
केएफडी क्या है?
केएफडी, जिसे कैया सनूर फॉरेस्ट डिजीज भी कहा जाता है, पश्चिमी घाट के राज्यों कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, गोवा और महाराष्ट्र में पाया जाने वाला एक संक्रामक रोग है।
वैक्सीन विकास का काम
कर्नाटक सरकार के अनुरोध पर आईसीएमआर ने केएफडी वैक्सीन विकसित करने का काम शुरू किया। इसके तहत इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड (आईआईएल) और आईसीएमआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाइरोलॉजी मिलकर दो खुराक वाली एडजुवेंटेड इनएक्टिवेटेड वैक्सीन तैयार कर रहे हैं, जिसे 28 दिन के अंतराल पर लगाया जाएगा।
पशु परीक्षण और फेज-I ट्रायल सफल
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि यह वैक्सीन पहले ही विकसित हो चुकी है और पशु परीक्षण व टॉक्सिसिटी स्टडीज सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं। GLP-ग्रेड वैक्सीन का निर्माण भी हो चुका है। अब केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की मंजूरी के बाद फेज-I मानव ट्रायल शुरू कर दिया गया है। मंत्रालय ने आगे कहा कि यदि फेज-I सफल रहा, तो अगले चरण के ट्रायल्स भी शुरू होंगे। वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावी पाई जाने पर डीसीजीआई से औपचारिक मंजूरी मांगी जाएगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी कहा कि केंद्र राज्य सरकारों को स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान में लगातार सहयोग देगा।
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