स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईसीएमआर) की संयुक्त प्रेस वार्ता में आईसीएमआर के डॉ. रमन आर गंगाखेड़कर ने बताया कि देश में अभी तक कुल दो लाख 90 हजार 401 लोगों की जांच की गई है। इनमें से 30,043 जांच कल (बुधवार) को की गई थीं। इनमें 26,331 जांच आईसीएमआर की 176 लैब में और 3,712 जांचें 78 निजी लैब में की गईं।
डॉ. रमन ने कहा कि हमारे पास चीन की दो कंपनियों से कुल पांच लाख रैपिड जांच किट आई हैं। इन दोनों की जांच का तरीका अलग है। ये एंटीबॉडी की जांच के लिए हैं। ये रैपिड एंटीबॉडी जांच किट कोरोना की शुरुआती जांच के लिए उपयोग में नहीं आती हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच के लिए लोगों को लैब पर ही निर्भर रहना होगा, आम जन इस रैपिड टेस्ट की मांग न करें। इसका इस्तेमाल कोरोना की जांच के लिए नहीं बल्कि महामारी के प्रसार का पता लगाने के लिए किया जाता है।
देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 941 नए मामले सामने आए हैं और इस वायरस से 37 लोगों की मौत हुई हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि देश के 325 जिले ऐसे हैं, जहां कोरोना वायरस का एक भी मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री और राज्य मंत्री (स्वास्थ्य) ने कल एक वीडियो सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें स्वास्थ्य अधिकारी और विश्व स्वास्थ्य संगठन के क्षेत्र अधिकारी शामिल थे।