भारतीय चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईसीएमआर) ने सभी संबंधित राज्य सरकारों, निजी और सार्वजनिक अस्पतालों को सलाह दी है कि सीरो सर्वे के लिए वह जांच की गति को बढ़ाएं। आईसीएमआर ने कहा है कि जांच बढ़ाने के लिए विभिन्न तरह के टेस्ट जैसे कि रियल टाइम आरटी-पीसीआर, रैपिड एंटिजेन टेस्टिंग और एंटीबॉडी जांच के संयोजित करें और अधिक से अधिक नमूनों की जांच करें।
सीरो सर्वे में किसी स्थान पर हर समूह के लोगों के रक्त के नमूनों (ब्लड सैंपल) की जांच कर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता का पता लगाया जाता है। इससे बिना लक्षण वाले वैसे मरीजों की पहचान हो सकेगी, जिन्हें संक्रमण हुआ तो था लेकिन अपनी प्रतिरोधक क्षमता के कारण वह ठीक हो गए।