पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नौसैनिक कुलभूषण जाधव मामले की सुनवाई अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) अगले साल फरवरी में करेगा। आईसीजे इस मामले पर पूरे एक हफ्ते तक रोजाना सुनवाई करेगा। जाधव को जासूसी के आरोपों में पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने फांसी की सजा दी हुई है।
47 वर्षीय जाधव को पाक सैन्य अदालत ने पिछले साल अप्रैल में फांसी की सजा सुनाई थी। पाकिस्तान का दावा है कि कथित तौर पर ईरान से बलूचिस्तान में घुसने के बाद मार्च, 2016 में उसके सैनिकों ने जाधव को गिरफ्तार किया। भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
पाकिस्तान के फैसले के खिलाफ पिछले साल मई में भारत ने आईसीजे का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद भारत की याचिका पर आईसीजे से जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगा दी थी। अब इस मामले में आईसीजे का अंतिम फैसला लंबित है।
पाकिस्तान के जियो टीवी ने अपने सूत्रों के हवाले से कहा कि आईसीजे अगले साल फरवरी में एक हफ्ते तक रोजाना जाधव के मामले की सुनवाई करेगा। अपनी याचिका में पाकिस्तान ने कहा है कि जाधव कोई आम नागरिक नहीं है बल्कि उसने देश में जासूसी और तोड़-फोड़ मचाने के उद्देश्य से प्रवेश किया था।